UP News: यूपी के झांसी में मेडिकल कॉलेज के सुपरवाइजर की 38 साल की शादीशुदा गर्लफ्रेंड का फांसी पर लटकी बॉडी मिली. यह नजारा देख हर कोई स्तब्ध रह गया. मृतका के चार बच्चे भी हैं. वह पति को छोड़कर दो साल से अपने प्रेमी सुपरवाइजर के साथ रह रही थी. उसने प्रेमी से शादी करने के लिए कोर्ट में तलाक का केस भी कर दिया था जो दो महीने पहले मंजूर हो गया था. आरोप है कि अब सुपरवाइजर शादी करने से मुकर गया था. बच्चों और बहन ने मृतका की मौत का जिम्मेदार सुपरवाइजर को ठहराया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.
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मंजू की सबसेबड़ी बेटी है 20 साल की, कोरोना के बाद सब कुछ बदला
मृतका का नाम मंजू दोहरे था. वह झांसी के बराठा गांव की रहने वाली थी. बहन रुबी के अनुसार, मंजू की साल 2002 में करई गांव के रहने वाले बलवीर के साथ शादी हुई थी. उसकी 3 बेटी और एक बेटा है. 20 साल की बेटी रेशमा, 13 साल की आरजू, 9 साल की अनुष्का और 17 साल का बेटा राजकुमार है. 15 साल से परिवार बजरंग कॉलोनी में रह रहा था. बहन के अनुसार कोरोना काल में मंजू, मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर सफाई कर्मचारी बन गई थी. कंपनी का सुपरवाइजर अर्पित सोनी सभी सफाई कर्मचारियों पर निगरानी करता था. इस दौरान दोनों की दोस्ती हो गई और यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई इसकी किसी को भनक भी नहीं हुई. अर्पित के साथ रिलेशन में आने के बाद मंजू अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी.
अर्पित ने किया था मंजू से शादी का वादा!
मंजू ने दो साल पहले अपने पति बलबीर से नाता तोड़ लिया था और सुपरवाइजर अर्पित के साथ टाकोरी गांव में रहने लगी थी. मंजू अपनी छोटी दो बेटी आरजू और अनुष्का को भी साथ ले आई थी. जबकि बड़ी बेटी और बेटा पिता के साथ रह रहे थे.
अर्पित ने मंजू से कहा- मेरे मम्मी-पापा नहीं मान रहे हैं
ऐसा कहा जा रहा है कि सुपरवाइजर ने मंजू से शादी करने का वादा भी किया था. इसलिए उसने कोर्ट में तलाक का केस कर दिया था. पति तारीख पर नहीं गया. तब कोर्ट ने 5 नवंबर 2025 को एक तरफा तलाक मंजूर कर लिया था. इसके बाद मंजू शादी का दबाव बनाने लगी. आरोप है कि अर्पित ने मंजू से कहा- 'मेरे मम्मी-पापा नहीं मान रहे हैं. इसलिए अभी शादी नहीं करुंगा.' इसी बात को लेकर दोनों का झगड़ा होता था.
मृतका की बेटी रेशमा ने ये क्या बता दिया?
मृतका की बेटी रेशमा ने बताया कि 'मेरी मां अर्पित और अर्पित की मां साथ में रहते थे. जाति को लेकर भी मां को अल्टा सीधा बोला जाता था. उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. लड़ाई में अर्पित मां का गला पकड़ लेता था और कहता था कि अगर बच्चों से सम्पर्क रखेगी तो दूसरी महिला से शादी कर लूंगा. बुधवार को हमारे पास अर्पित का अननॉन नंबर से फोन आया. बोला कि तुम्हारी मां ने फांसी लगा ली. वह इमरजेंसी में भर्ती है. जब हम आए तब उनका शव मिला. शव के आस-पास कोई नहीं था. वहां कर्मचारियों ने बताया कि यहां शव पिछले दो घंटों से पड़ा है. थोड़ी देर बाद अर्पित सोनी आया और हम लोगों को धमकाने लगा. फिर वो चला गया. मेरी मां की हत्या की गई है. हमने थाने में शिकायत दे दी है.'
मामले में बड़ागांव थाना प्रभारी राजेश कुमार ने फोन पर बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया गया था. जहां उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया. साथ ही आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है. जांच के बाद जो हकीकत सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
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