Jhansi Cyber Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने कई साल से चल रहे साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है. प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले छात्र शामिल हैं. गैंग का कनेक्शन चीन के हैंडलर्स से बताया जा रहा है. पुलिस को आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और लेन-देन का हिसाब रखने वाले रजिस्टर मिले हैं.
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56 बैंक खातों से जुड़ा था नेटवर्क
सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) अरीबा नोमान के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर 56 बैंक खातों का संचालन कर रहे थे. इन खातों को लेकर पूरे देश से 325 शिकायतें मिली हैं. पुलिस का दावा है कि इन खातों के जरिए अब तक करीब 403 करोड़ रुपये का साइबर क्राइम किया जा चुका है. शुक्रवार को प्रेमनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए.
ठगी की रकम को USDT में बदलते थे
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से हासिल रकम को फ्रीज होने से बचाने के लिए आरोपी उसे क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदल देते थे. इसके बाद यह रकम विदेशी हैंडलर्स को सौंपे जाने का आरोप है. पुलिस को आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन के साथ हिसाब-किताब से जुड़े रजिस्टर भी मिले हैं. इन सामानों की जांच के जरिए पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी है.
छात्र ही निकले आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले छात्र शामिल हैं. यह नेटवर्क कथित तौर पर कई बैंक खातों के जरिए साइबर अपराध से जुड़ी रकम को आगे ट्रांसफर करता था. ASP अरीबा नोमान ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है. पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश के साथ-साथ चीन से जुड़े बताए जा रहे विदेशी हैंडलर्स के कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
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