एक तरफ देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली में रक्षाबंधन से एक दिन पहले आयोजित एक कार्यक्रम में अफरातफरी मच गई. बरेली क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंची थीं. यहां महिलाओं को साड़ियां बांटी जा रही थीं. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, कार्यक्रम स्थल पर दबाव बढ़ता गया और साड़ी लेने की होड़ के बीच धक्कामुक्की और अफरातफरी की स्थिति बन गई.
ADVERTISEMENT
बताया जा रहा है कि गर्मी और घुटन के बीच कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद वहां चीख-पुकार और भगदड़ जैसे हालात बन गए. दावा है कि इस दौरान कई महिलाओं और बच्चों की तबीयत खराब हुई और कई महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ीं. मौके पर एंबुलेंस पहुंचीं और लोगों को अस्पताल ले जाया गया. इसी पूरे घटनाक्रम के बीच मधु नाम की एक महिला की मौत की जानकारी भी सामने आई है.
बरेली क्लब में क्या हुआ?
बरेली क्लब में यह कार्यक्रम मेयर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे पार्थ गौतम की ओर से महिलाओं के लिए आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंची थीं. महिलाओं को साड़ियां बांटी जा रही थीं. लेकिन भीड़ बढ़ने के साथ ही हालात बिगड़ने लगे.
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मुताबिक साड़ी लेने की होड़ में धक्कामुक्की शुरू हो गई. गर्मी और घुटन के बीच कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते ही देखते वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए.
चश्मदीदों के मुताबिक कई महिलाओं और बच्चों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. इस दौरान कुछ बच्चे अपने माता-पिता से भी बिछड़ गए. मंच से लगातार बच्चों के लिए अनाउंसमेंट की जाती रही. इनमें छह साल की बच्ची प्रिंसी का भी जिक्र किया गया.
एक महिला की मौत की जानकारी सामने आई
इस पूरे घटनाक्रम में मधु नाम की एक महिला की मौत की जानकारी सामने आई है. मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि भगदड़ के दौरान उनकी मामी भी दब गई थीं. उन्होंने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया. एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उनकी मामी की तबीयत कार्यक्रम के दौरान खराब हुई थी. उन्होंने कहा कि उस समय वहां बहुत ज्यादा भीड़ और भगदड़ थी. जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचने की कोशिश की.
वहीं एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी मामी को लेकर परिवार के लोगों ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे बाद जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि महिला आर्मी से जुड़ी हुई थीं. हालांकि इस मौत को लेकर सबसे अहम बात यह है कि जिस परिवार की महिला की मौत की जानकारी सामने आ रही है, उस परिवार ने मीडिया से बात करने से इनकार किया है. परिवार की ओर से अब तक किसी तरह की शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है.
परिवार की चुप्पी से बढ़े सवाल
एक तरफ कार्यक्रम में अफरातफरी और भगदड़ जैसे हालात के वीडियो सामने आए हैं. दूसरी तरफ एक महिला की मौत की जानकारी सामने आ रही है और तीसरी ओर संबंधित परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्यक्रम में उस वक्त क्या हुआ था? महिला की तबीयत कैसे बिगड़ी और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
कार्यक्रम में मौजूद कुछ महिलाओं ने जरूर भगदड़ और अफरातफरी की स्थिति के बारे में बताया. चश्मदीदों ने यह भी बताया कि कई महिलाओं और बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था.
कार्यक्रम के इंतजामों पर उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद कार्यक्रम के आयोजन और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह है कि जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कार्यक्रम में पहुंचे थे, तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे?
क्या कार्यक्रम स्थल की क्षमता के मुताबिक लोगों की संख्या तय की गई थी? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मेडिकल और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी? अगर भीड़ लगातार बढ़ रही थी तो उसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए? इन सवालों के जवाब अभी साफ तौर पर सामने नहीं आए हैं.
मेयर उमेश गौतम से भी मांगा गया रिएक्शन
इस पूरे मामले पर बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम का पक्ष जानने की भी कोशिश की गई. हालांकि उन्होंने मीडिया में बयान देने से इनकार कर दिया.
वहीं पुलिस और जिला प्रशासन की तरफ से भी इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. खबर तैयार किए जाने तक प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है.
फिलहाल कार्यक्रम में हुई अफरातफरी, एक महिला की मौत की सामने आई जानकारी और परिवार की ओर से शिकायत नहीं किए जाने के बीच कई सवाल बने हुए हैं. इन सवालों का जवाब पुलिस और प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही साफ हो सकेगा.
यहां देखें वीडियो रिपोर्ट
ADVERTISEMENT











