बरेली में रक्षाबंधन कार्यक्रम में ऐसा क्या हुआ जो बेहोश होकर गिरने लगे लोग, एक महिला की तो हो गई मौत!

बरेली में रक्षाबंधन से पहले साड़ी वितरण कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए. कई महिलाएं और बच्चे बेहोश हुए, जबकि एक महिला की मौत की खबर से हड़कंप मच गया. आयोजन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठे.

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एक तरफ देशभर में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जा रहा है.वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रक्षाबंधन के पूर्व संध्या पर आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ा हादसा हो गया. बरेली क्लब में मेयर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे द्वारा आयोजित महिला सम्मान व साड़ी वितरण कार्यक्रम में अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी. देखते ही देखते साड़ी लेने की होड़, घुटन और अव्यवस्था के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए. इस दौरान कई महिलाएं और बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं कार्यक्रम में आई एक महिला की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है जिसके बाद आयोजन के सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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साड़ी के लिए उमड़ी अनियंत्रित भीड़

बरेली क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में बरेली शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंची थीं. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल की क्षमता से कहीं अधिक भीड़ एकत्र हो गई थी. दोपहर में जैसे ही साड़ियों का वितरण शुरू हुआ महिलाओं के बीच आगे बढ़ने की होड़ मच गई. भीषण गर्मी और घुटन के बीच हुई धक्का-मुक्की ने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया. चीख-पुकार के बीच कई महिलाएं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं.

हादसे में सतीपुर की महिला की मौत

घटना के दौरान सतीपुर चौराहे के पास से आई मधु नाम की 40-45 साल की महिला की मौत की जानकारी सामने आई है. उनके रिश्तेदार और बीजेपी के स्थानीय मंडल अध्यक्ष ने बताया कि परिवार की करीब 15 महिलाएं पास लेकर कार्यक्रम में आई थीं. धक्का-मुक्की और दबाव के चलते मधु गिर गईं और भीड़ के नीचे दब गईं. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें सही जानकारी मिलने में काफी देर हुई और अस्पताल में उपचार के दौरान महिला को मृत घोषित कर दिया गया.

बिछड़े बच्चे, मंच से होते रहे अनाउंसमेंट

अव्यवस्था का आलम यह था कि अफरातफरी के दौरान कई छोटे बच्चे अपनी माताओं से बिछड़ गए. भीड़ में घबराए बच्चों को ढूंढने के लिए मंच से लगातार लाउडस्पीकर पर नाम पुकारे जाते रहे. चश्मदीदों के मुताबिक, मौके पर तुरंत पहुंची एंबुलेंस के जरिए कई महिलाओं और बच्चों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चला.

आयोजन और भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद बरेली मेयर और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं.जब हजारों की संख्या में पास बांटे गए थे तो उसके अनुपात में भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? अत्यधिक गर्मी और बंद पंडाल में वेंटिलेशन व मेडिकल इमरजेंसी की प्राथमिक व्यवस्थाएं क्यों दुरुस्त नहीं थीं? क्षमता से अधिक भीड़ जुटने पर कार्यक्रम को समय रहते नियंत्रित क्यों नहीं किया गया?

मेयर और प्रशासन का रुख

मामला तूल पकड़ने के बाद जब मीडिया ने बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने फिलहाल बयान देने से इंकार कर दिया. वहीं दूसरी ओर मृतका के परिवार ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराने से दूरी बनाई हुई है. पुलिस और जिला प्रशासन की तरफ से भी खबर लिखे जाने तक घटना और महिला की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक डिटेल जारी नहीं किया गया था. मामले की प्रशासनिक जांच का इंतजार है.