यूपी के इस जिले में लागू हुआ नया मुआवजा रेट, 55.5% की भारी उछाल से किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

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• 12:03 PM • 28 Aug 2026

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के लिए जमीन के मुआवजे की दर बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. अब किसानों को 4,125 रुपये की जगह 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा मिलेगा.

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों की जमीन के मुआवजे की दर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब जमीन के लिए किसानों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मुआवजा मिलेगा. इसके साथ ही 6% आबादी भूखंड देने की व्यवस्था भी दोबारा लागू कर दी गई है.

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शासन के निर्देश पर प्राधिकरण बोर्ड ने जमीन के मुआवजे की दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने को मंजूरी दी है. किसानों को हर वर्ग मीटर पर 2,290 रुपये ज्यादा मिलेंगे. बढ़ोतरी करीब 55.5 फीसदी है, लेकिन किसानों के लिए राहत सिर्फ मुआवजा बढ़ने तक सीमित नहीं है. 6% आबादी भूखंड का विकल्प भी फिर से शुरू किया गया है.

प्लॉट लेने पर कितना मिलेगा मुआवजा?

प्राधिकरण के मुताबिक, जो किसान 6% आबादी भूखंड का विकल्प नहीं लेते, उन्हें जमीन का मुआवजा 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दिया जाएगा. वहीं, 6% आबादी भूखंड लेने वाले किसानों को जमीन के लिए 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा.

आबादी भूखंड लेने वाले किसानों के लिए अलग सेक्टर विकसित किए जाएंगे. इन सेक्टरों को आवासीय, औद्योगिक और दूसरे विकसित सेक्टरों की तरह सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा. प्राधिकरण के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री के समय ही किसान को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र देने की व्यवस्था भी की जाएगी.

2014 से अब तक ऐसे बढ़ी मुआवजा दर

ग्रेटर नोएडा में किसानों की जमीन के मुआवजे की दर पिछले वर्षों में इस तरह बदली है-

  • 2014-15: 3,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2022-23: 3,750 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2023-24: 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2026-27: 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर

प्राधिकरण के अनुसार, 2014-15 से 2021-22 तक मुआवजा दर 3,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर रही. इसके बाद 2022-23 में इसमें 250 रुपये और 2023-24 में 375 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी हुई. अब 2026-27 में मौजूदा दर में एकमुश्त 2,290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी मंजूर की गई है.

जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी होगी आसान

किसानों को जमीन से जुड़े काम के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए एसीईओ की अध्यक्षता में जमीन अधिग्रहण सेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं. सेल जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कराने में किसानों की मदद करेगा.

मुआवजे की पूरी रकम पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. वहीं आबादी भूखंड का क्षेत्रफल कम से कम 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 2,500 वर्ग मीटर तय किया गया है.

इसके अलावा जमीन पर मौजूद पेड़ और दूसरी परिसंपत्तियों के लिए किसानों को अलग से मुआवजा दिया जाएगा. प्रमुख मार्गों से लगी जमीन के किसानों को आबादी भूखंड के आवंटन में चयन की प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया गया है.

विधायक धीरेंद्र सिंह ने फैसले को बताया ऐतिहासिक

जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने मुआवजा बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला बताया. विधायक ने कहा कि मुआवजा 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,400 रुपये से अधिक करना किसानों के योगदान का सम्मान है.

उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास आगे बढ़ना चाहिए और किसानों को भी इस विकास और उससे होने वाली आर्थिक समृद्धि में हिस्सेदार बनाया जाना चाहिए.

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