MOTN Survey: उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर देश की सत्ता के समीकरणों पर हमेशा दिखाई देता रहा है. 80 लोकसभा सीटों वाला यूपी जिस पार्टी या गठबंधन के साथ जाता है, उसके लिए दिल्ली की सत्ता तक पहुंच का रास्ता आसान माना जाता है. 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने दम पर 400 सीटें जीतने का दावा किया था. हालांकि, चुनावी नतीजे भाजपा के दावे के मुताबिक नहीं रहे और पार्टी 240 सीटों पर सिमट गई. भाजपा बहुमत के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी.
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उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 80 में से 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी. दूसरी तरफ भाजपा की अगुवाई वाले NDA को 37 सीटों से संतोष करना पड़ा था. यूपी में हुए इस नुकसान का असर भाजपा के बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाने के रूप में भी सामने आया.
अब सवाल है कि मौजूदा समय में देश और खासकर उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल किस तरफ है? अगर आज लोकसभा चुनाव करा दिए जाएं तो यूपी में किसका पलड़ा भारी रह सकता है? इंडिया टुडे और C वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) के अगस्त 2026 के लेटेस्ट सर्वे में इन सवालों की तस्वीर सामने आई है. सर्वे के आंकड़े यूपी में भाजपा, उसके सहयोगियों, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की स्थिति को लेकर क्या संकेत देते हैं, आइए जानते हैं.
भाजपा को कितनी सीटें मिलने का अनुमान?
MOTN के लेटेस्ट सर्वे के मुताबिक, अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो उत्तर प्रदेश में भाजपा को 80 में से 34 सीटें मिलने का अनुमान है. 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में 33 सीटें जीती थीं. इस लिहाज से मौजूदा अनुमान में पार्टी को 1 सीट का फायदा दिखाई दे रहा है.
हालांकि, जनवरी 2026 में आए पिछले MOTN सर्वे से तुलना करें तो तस्वीर अलग है. उस सर्वे में भाजपा को यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 44 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. इस हिसाब से भाजपा को पिछले सर्वे के मुकाबले अब 10 सीटों का नुकसान होने का अनुमान है.
भाजपा के सहयोगियों का क्या हाल?
भाजपा के सहयोगी दलों की स्थिति लेटेस्ट MOTN सर्वे में पहले जैसी ही नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक, भाजपा के सहयोगी दलों को यूपी में 4 सीटें मिलने का अनुमान है. जनवरी 2026 के पिछले MOTN सर्वे में भी सहयोगी दलों के खाते में 4 सीटों का ही अनुमान लगाया गया था. वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सहयोगियों में अपना दल (सोनेलाल) ने 1 सीट और राष्ट्रीय लोक दल ने 2 सीटें जीती थीं.
इस तरह MOTN के ताजा आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा की अगुवाई वाले NDA को कुल 80 में से 38 सीटें मिलने का अनुमान है.
कांग्रेस को कितना फायदा?
MOTN के अगस्त 2026 के आंकड़े कांग्रेस के लिए पिछले सर्वे के मुकाबले बेहतर तस्वीर दिखा रहे हैं. सर्वे के अनुसार, अगर आज यूपी में लोकसभा चुनाव होते हैं तो कांग्रेस को 80 में से 11 सीटें मिल सकती हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने यूपी में 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस लिहाज से मौजूदा अनुमान 5 सीटों के फायदे का संकेत देता है.
वहीं, जनवरी 2026 के पिछले MOTN सर्वे में कांग्रेस को यूपी में सिर्फ 2 सीटें मिलने का अनुमान था. अब यह आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया है. यानी पिछले MOTN सर्वे की तुलना में कांग्रेस को 9 सीटों का फायदा होने का अनुमान है.
सपा को कितनी सीटें मिलने का अनुमान?
उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की पार्टी समाजवादी पार्टी को लेकर भी MOTN सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं. अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा को लेटेस्ट सर्वे में 30 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. जनवरी 2026 में आए पिछले MOTN सर्वे में सपा के खाते में 29 सीटों का अनुमान था. इस लिहाज से पार्टी को पिछले सर्वे के मुकाबले 1 सीट का फायदा दिखाई दे रहा है. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के वास्तविक नतीजों से तुलना करें तो सपा ने यूपी में 37 सीटें जीती थीं. इस लिहाज से मौजूदा MOTN अनुमान 7 सीटों के नुकसान का संकेत देता है.
सर्वे में सपा को 30 और कांग्रेस को 11 सीटें मिलने का अनुमान है. इस तरह अगस्त 2026 के MOTN आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन को कुल 80 में से 41 सीटें मिलने का अनुमान है.
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