उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारण में 6 सितंबर को आयोजित होने वाली समाजवादी पार्टी की विशाल रैली को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. खराब मौसम और भारी बारिश के चलते रैली की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है जिसकी अगली संभावित डेट नवरात्रि के बाद तय की जाएगी. रैली टलने के बाद राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के बयान और राजनीतिक गलियारों में उठ रहे अपमान के आरोपों पर सपा के वरिष्ठ नेता इंद्रसेन ने खुलकर जवाब दिया है. उन्होंने साफ किया कि रैली सिर्फ मौसम की वजह से टली है,किसी के दबाव या अपमान के कारण नहीं.
ADVERTISEMENT
सहारनपुर के रामपुर मनिहारण में 6 सितंबर को होने वाली समाजवादी पार्टी की रैली की तैयारियां पिछले एक महीने से जोरों पर चल रही थीं. हालांकि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण रैली स्थल पर जलभराव हो गया जिसके चलते कार्यक्रम को स्थगित करने का फैसला लिया गया.
आयोजक इंद्रसेन ने बताया कि रैली रद्द नहीं हुई है बल्कि इसकी केवल तारीख आगे बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि 6 सितंबर को रैली भले न हो रही हो लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का सहारनपुर की जनता से गहरा लगाव है. इसलिए वे अपने पूर्व निर्धारित निजी कार्यक्रम के तहत 2 सितंबर को ही सहारनपुर पहुंच रहे हैं और स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे.
'हमारा अपमान करने की किसी में हिम्मत नहीं'
आरएलडी (RLD) प्रवक्ता की उस टिप्पणी पर जिसमें कहा गया था कि 'चौधरी परिवार का अपमान करने वालों को पश्चिम में घुसने नहीं दिया जाएगा'. इसे लेकर इंद्रसेन ने कहा 'हम उनकी भावनाओं की कदर करते हैं कि वे हमारे शुभचिंतक हैं. लेकिन अपमान किसने किया? हमारा अपमान किसी ने नहीं किया और न ही किसी में इतनी हिम्मत है कि वो हमारा अपमान कर सके.' उन्होंने दावा किया कि नए जोश और खरोश के साथ नवरात्रि के बाद यह रैली और भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी.
नेताजी मुलायम सिंह यादव को किया याद
बातचीत के दौरान सपा नेता ने अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव से जुड़े संस्मरण भी साझा किए. उन्होंने बताया कि किस तरह बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान उन पर मुकदमे दर्ज हुए थे और जेल से आने के बाद नेताजी खुद उनके घर आए थे.
उन्होंने बताया 'नेताजी ने मेरी मां के हाथों का बना खाना खाया और कहा था कि पवन (इंद्रसेन) के कारण आज मुलायम सिंह यादव इस दरवाजे पर आए हैं. एक दिन ऐसा भी आएगा जब डीएम-कप्तान पवन के घर के बाहर खड़े होंगे.' इंद्रसेन ने खुलासा किया कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से विधायक और मंत्री पद तक के कई ऑफर मिले थे. लेकिन उनके पिता और परिवार ने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के प्रति वफादार रहने की सख्त सीख दी थी जिसे वे आज भी निभा रहे हैं.
ADVERTISEMENT











