झांसी जेल की सलाखों के पीछे बंद अतीक अहमद का दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद अपने सबसे छोटे भाई अबान का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. घड़ी की सुइयां घूमती रहीं, दिन ढलता गया, लेकिन आबान नहीं पहुंचा. भाई से मिलकर मन हल्का करने की आस लगाए बैठे अली को आखिरकार आबान का दीदार तो नहीं मिला. लेकिन उसकी मौत की खौफनाक खबर जरूर मिल गई. जैसे ही जेल प्रशासन ने अली को बताया कि प्रयागराज से उससे मिलने आ रहा उसका छोटा भाई अबान झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया है, वह बेसुध हो गया और फूट-फूट कर रोने लगा.
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जेल अधीक्षक बोले- खबर सुनते ही टूट गया अली
झांसी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक विनोद कुमार ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि जब छोटे भाई अबान की मौत की सूचना अली अहमद को दी गई तो वह पूरी तरह टूट गया. भावुक और बेहद दुखी होकर अली ने रोते हुए कहा, 'सब कुछ बर्बाद हो गया, अब हमारे परिवार में कुछ नहीं बचा.' वहीं घटना की जानकारी मिलने पर परिवार का एक सदस्य पहले दुर्घटनास्थल पहुंचा और पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद सीधे मेडिकल कॉलेज रवाना हो गया'
एक-एक कर बिखरा अतीक का कुनबा
अली अहमद के लिए दुखों का यह पहाड़ नया नहीं है लेकिन इस ताजा झटके ने उसे भीतर तक झकझोर दिया है. इससे पहले 13 अप्रैल 2023 को उसका तीसरे नंबर का भाई असद अहमद झांसी एनकाउंटर में मारा गया था. इसके ठीक दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अली इनमें से किसी का भी अंतिम चेहरा नहीं देख सका था. मां शाइस्ता परवीन लंबे समय से फरार हैं, बड़ा भाई उमर लखनऊ जेल में बंद है और अब सबसे छोटा भाई आबान भी हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया.
मुलाकात की राह में बिछ गई मौत
झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी. टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. कार में सवार पांच लोगों में से अतीक के सबसे छोटे (पांचवें नंबर के) बेटे अबान अहमद और उसके साथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. अबान अपने भाई अली से मिलने झांसी जेल जा रहा था, लेकिन मुलाकात से पहले ही यह भयावह हादसा हो गया.
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