सिर पर सफेद रुमाल और बदन पर काले कपड़े. पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अतीक अहमद का दूसरा बेटा अली अहमद करीब 4 साल बाद अपनों के बीच पहुंचा. वजह थी उसके सबसे छोटे और लाडले भाई अबान की मय्यत. पुलिस की गाड़ी अली को लेकर प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंची, जहां उसने अपने भाई के जनाजे में हिस्सा लिया.
ADVERTISEMENT
अली ने अबान के जनाजे को कंधा दिया और कांपते हाथों से मिट्टी दी. इसके बाद वह अपने भाई उमर के गले लगकर खूब रोया. उसने छोटे भाई अजहम को भी गले लगाया. पिता और चाचा को खोने के बाद छोटे भाई को खोने का दर्द अली के लिए बेहद भावुक करने वाला पल था. कुछ देर तक परिवार के लोगों के साथ रहने, रोने और एक-दूसरे का सहारा बनने के बाद अली को फिर झांसी जेल वापस ले जाया गया.
पूरी रात सफर के बाद सुबह 4:30 बजे पहुंचा झांसी जेल
प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान से अली को प्रिजनर्स वैन में कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी के लिए रवाना किया गया. पूरी रात सफर जारी रहा और तड़के सुबह करीब 4:30 बजे अली झांसी जेल पहुंचा. इस दौरान अली काफी थका हुआ नजर आया. एक तरफ भाई को खोने का दुख था, तो दूसरी तरफ गर्मी में रातभर का सफर. जिस गाड़ी से अली को झांसी जेल से प्रयागराज ले जाया गया था, उसी गाड़ी से उसे वापस झांसी लाया गया. जेल पहुंचने पर पुलिस की गाड़ियां भी साथ मौजूद थीं. अली को गाड़ी से उतारकर सीधे जेल के अंदर ले जाया गया.
मीडिया ने सवाल किया तो हाथ से किया इशारा
जब अली को लेकर आई गाड़ी झांसी जेल पहुंची, उस दौरान मीडिया ने उससे बात करने और जनाजे में शामिल होने के बाद कुछ कहने की कोशिश की. लेकिन अली ने कुछ बोलने के बजाय हाथ से इशारा कर साफ कर दिया कि वह कुछ नहीं कहना चाहता. अली का यह इशारा मानो यही कह रहा था कि अभी कुछ नहीं कहना है. इसके बाद पुलिसकर्मी उसे जेल के अंदर लेकर चले गए.
पैरोल की थी शर्त, मीडिया से नहीं करनी थी बात
अतीक अहमद के बेटे उमर और अली को अबान की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने पैरोल मंजूर की थी. पैरोल के साथ कुछ शर्तें भी थीं. दोनों भाई मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे. दोनों पुलिस के साथ सीधे कब्रिस्तान जाएंगे और वहां से वापस जेल जाएंगे. अली को झांसी जेल वापस लौटते समय मीडिया से बातचीत से इनकार करते हुए देखा गया.
अबान और अली के बीच था करीबी रिश्ता
अतीक के दूसरे नंबर के बेटे अली और सबसे छोटे बेटे अबान के बीच काफी करीबी रिश्ता बताया जाता था. जानने वालों के मुताबिक दोनों एक-दूसरे पर जान लुटाते थे. पिछले साल अबान जब अपने भाई अली से मिलने झांसी जेल पहुंचा था, तब उसकी तस्वीरें भी चर्चा में आई थीं. अबान हादसे का शिकार होने के समय अली से ही मिलने झांसी जेल जा रहा था. हादसे के बाद कार के डैशबोर्ड से दो इंग्लिश लव स्टोरी नॉवेल मिलने की बात सामने आई थी. बताया गया कि ये किताबें अबान ने अपने भाई अली के लिए खरीदी थीं और वह इन्हें अली को देने जा रहा था.
झांसी-कानपुर हाईवे पर हुआ था हादसा
मालूम हो कि झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अबान की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी. हादसे में अबान की मौत हो गई. अबान की मौत की खबर सुनकर झांसी जेल में बंद उसका भाई अली पूरी तरह टूट गया था. जेल अधीक्षक के मुताबिक, भाई के एक्सीडेंट की जानकारी मिलने पर अली बहुत परेशान हो गया था. वह अपने भाई की एक झलक देखने के लिए भावुक था और रोते हुए कह रहा था, 'सब बर्बाद हो गया.'
यहां देखें वीडियो रिपोर्ट
ADVERTISEMENT











