गोरखपुर में आयोजित एक मछुआरा सम्मेलन के दौरान निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद के मंच पर भावुक होकर रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. इस घटनाक्रम पर गोरखपुर के सांसद रवि किशन की प्रतिक्रिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजे लेने वाले दृश्य ने राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है. आपको बता दें कि 22 मार्च 2026 को गोरखपुर में एक मछुआरा सम्मेलन के दौरान संजय निषाद अपने समाज की स्थिति और पिछली सरकारों द्वारा किए गए 'अन्याय' को याद करते हुए फूट-फूट कर रोने लगे.
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उन्होंने अपनी ही सरकार (NDA) के संदर्भ में भी कुछ बातें कहीं, जिसमें उन्होंने बहू-बेटियों के अपमान और समाज के दर्द का जिक्र किया. चर्चा है कि यह आंसू आगामी चुनाव, मंत्रिमंडल विस्तार या अपने बेटे की राजनीतिक सेटिंग को लेकर एक रणनीतिक कदम भी हो सकते हैं. गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने संजय निषाद के इन आंसुओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'ये आंसू नहीं, बल्कि मछुआरा समाज का दर्द और पीड़ा है जो टेलीविजन पर दिखाई दे रही है.'
सम्मेलन में मौजूद कुछ लोगों ने संजय निषाद के आंसुओं पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब आपके पास 11 विधायक हैं और आप खुद मंत्री हैं, तो समाज का भला क्यों नहीं कर पा रहे? कुछ ने इसे 'राजनैतिक आंसू' करार दिया. उधर निषाद वोटों पर मची इस खींचतान के बीच समाजवादी पार्टी ने फूलन देवी की बहन रुक्मणी देवी को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर निषाद राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है.
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