Gorakhpur News: कहते हैं जोड़ियां आसमान में बनती हैं और उन्हें धरती पर मिलाने के लिए किस्मत कभी-कभी कड़े इम्तिहान भी लेती है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ऐसी ही शादी संपन्न हुई जिसने साबित कर दिया कि अगर इरादे नेक हों तो अस्पताल का बिस्तर भी सात फेरों का मंडप बन सकता है. यहां एक दूल्हे सन्नी यादव ने अपनी घायल दुल्हन पूजा का साथ छोड़ने के बजाय आईसीयू के अंदर जाकर उसकी मांग भरी और जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं.
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क्या है पूरा मामला?
बांसगांव के हटवार गांव की रहने वाली पूजा यादव और महादेवा बाजार के सन्नी यादव की शादी 13 मई 2026 को तय थी.शादी वाले दिन ही पूजा का एलएलबी अंतिम सेमेस्टर का पेपर था. वह परीक्षा देकर भाई के साथ बाइक से लौट रही थी तभी अचानक चक्कर आने से वह सड़क पर गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट आ गई. पूजा के घर में जहां शहनाइयां बजनी थीं वहां चीख-पुकार मच गई और दुल्हन को आनन-फानन में गोरखपुर के आर्यन हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा.
आईसीयू बना शादी का मंडप
डॉक्टरों ने बताया कि पूजा खतरे से बाहर है.लेकिन वह अभी घर नहीं जा सकती. ऐसे में दोनों परिवारों ने एक बड़ा फैसला लिया. सन्नी यादव पूरी तरह दूल्हे के लिबास में सज-धजकर बारात लेकर सीधे अस्पताल पहुंच गया. रात के करीब 1 बजे अस्पताल के वार्ड में ही पंडित जी ने मंत्र पढ़े. एक तरफ पूजा अस्पताल के कपड़ों में बेड पर लेटी थी और दूसरी तरफ सन्नी ने उसे सात वचन दिलाते हुए उसकी मांग में सिंदूर भरा.
अस्पताल में सिंदूरदान की रस्म पूरी करने के बाद दूल्हा वापस अपने गांव गया और वहां की बाकी रस्में पूरी कीं. इससे पहले शाम को सन्नी बारात लेकर दुल्हन के गांव भी गया था जहां द्वारपूजा जैसी रस्में निभाई गई थीं. बीए पास सन्नी वर्तमान में नौकरी की तैयारी कर रहे हैं. इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है. लोग दूल्हे के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं जिसने मुसीबत के वक्त अपनी जीवनसंगिनी का हाथ थामकर समाज को प्यार और जिम्मेदारी का एक नया संदेश दिया है.
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