Fatehpur School Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों (Gen-Z) का आंदोलन खत्म हुआ तो उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में स्कूली छात्र-छात्राएं (Alpha Generation) अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए. फतेहपुर के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया. हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर छात्रों ने स्कूल में पेयजल, शौचालय, बिजली और पंखों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई. मामले की जानकारी मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मौके पर पहुंचे और कई व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया.
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स्कूल के गेट पर जुटे छात्र-छात्राएं, लगाए नारे
फतेहपुर के किशनपुर कस्बे के सर्वोदय इंटर कॉलेज में उस समय हंगामा हो गया जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल के मुख्य गेट के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और स्कूल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
छात्रों ने गिनाईं स्कूल की समस्याएं
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि स्कूल में पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है. शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होती, कई कमरों में बिजली और पंखों की व्यवस्था नहीं है. उनका कहना था कि शिक्षक कूलर वाले कमरों में बैठते हैं, जबकि छात्र गर्मी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
एक छात्रा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने स्कूल की समस्याओं को लेकर प्रधानाचार्य और शिक्षकों से शिकायत की तो उन्हें डांट दिया गया. छात्रा के मुताबिक, उनसे कहा गया कि "ज्यादा नेता मत बनो." छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि एक शिक्षक ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
'शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती'
छात्रों का कहना है कि स्कूल की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उनका आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें डांट दिया जाता है. कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जा रही है.
स्कूल प्रशासन का बयान सामने नहीं आया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए. हालांकि खबर लिखे जाने तक स्कूल के प्रधानाचार्य या स्कूल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था.
मौके पर पहुंचे DIOS, सुधार के दिए निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्कूल पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि प्रत्येक कमरे में चार-चार पंखे लगाए जाएंगे. खुली वायरिंग को पाइप वायरिंग में बदला जाएगा.
इसके अलावा मिड-डे मील को निर्धारित मेन्यू के अनुसार उपलब्ध कराने, जिन बच्चों के लिए डेस्क-बेंच नहीं हैं उनकी व्यवस्था एक महीने के भीतर करने तथा छात्रों के लिए अलग से आरओ और वाटर कूलर लगाने के निर्देश भी दिए गए. DIOS ने दावा किया कि स्कूल में मिली कमियों को जल्द दूर कराया जाएगा और छात्रों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा.
जनरेशन जेड (Gen Z - Generation Z) कौन होते हैं?
जन्म का समय: 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग.
उम्र (आज के समय): लगभग 14 वर्ष से 29 वर्ष के बीच.
पहचान:
इन्हें 'डिजिटल नेटिव्स' कहा जाता है. यानी ये वो पहली पीढ़ी है जिसने बचपन से ही इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनते देखा है.
जनरेशन अल्फा (Gen Alpha - Generation Alpha) के बारे में जानिए
जन्म का समय: 2013 से 2024 के बीच (और कुछ हद तक 2025 तक) जन्मे बच्चे.
उम्र (आज के समय): नवजात शिशु से लेकर लगभग 13 वर्ष तक के बच्चे.
पहचान:
यह 21वीं सदी में पूरी तरह से जन्मी पहली पीढ़ी है. इनमें से ज़्यादातर लोग 'मिलेनियल्स' (Gen Y - 1981-1996 में जन्मे लोग) के बच्चे हैं. इन्हें 'स्क्रीन जनरेशन' भी कहा जाता है. ये बच्चे टीवी या किताबों से पहले टैबलेट, स्मार्टफोन, टचस्क्रीन, वॉयस असिस्टेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करना सीख जाते हैं. इनकी पढ़ाई, खेल और मनोरंजन का बहुत बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों पर निर्भर है.
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