बेटी दुकानदारों को बातों में उलझाती, फिर बाप खाली कर देता गल्ला; बिजनौर पुलिस ने शातिर चोर योगेंद्र-लक्ष्मी को किया गिरफ्तार

यूपी तक

• 01:31 PM • 08 Oct 2026

Bijnor Crime: बिजनौर में पुलिस ने दुकानदारों को बातों में उलझाकर चोरी करने वाले बाप-बेटी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने कई जिलों में वारदातें की हैं और उनके पास से 62,200 रुपये बरामद हुए हैं.

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Bijnor Crime: यूपी के बिजनौर से बाप बेटी के कांड की एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है. पुलिस ने दोनों शातिर चोर पिता-बेटी को गिरफ्तार किया है जो कई जिलों में दुकानदारों को बेवकूफ बनाकर चोरी करते थे. ये दोनों दुकानदारों को अपनी बातों में फंसाकर उनका ध्यान भटकाते थे और फिर मौका पाते ही दुकान का गल्ला साफ कर देते थे. इन्होंने बिजनौर के अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे कई अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है.

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बातों में उलझाकर करते थे चोरी

यह शातिर जोड़ी 25 सितंबर को बिजनौर के चांदपुर इलाके में एक किसान सेवा केंद्र पर पहुंची. यहां पिता योगेंद्र और उसकी बेटी लक्ष्मी ने सामान खरीदने के बहाने दुकानदार से बात शुरू की. जब दुकानदार इनकी बातों में उलझ गया, तो योगेंद्र ने उसे खाद लेने के लिए दुकान के अंदर भेज दिया. इसके साथ ही उसने अपनी शादीशुदा बेटी को भी अंदर भेज दिया, ताकि वह दुकानदार को अपने तरीके से बातों में उलझाकर रख सके.

दुकान से 1.5 लाख रुपये किए पार

दुकानदार और अपनी बेटी के अंदर जाते ही पिता योगेंद्र को चोरी करने का मौका मिल गया. उसने तुरंत दुकान के गल्ले में रखे करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए. इसके बाद बिना किसी हड़बड़ी के पिता-बेटी अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर वहां से भाग निकले. कुछ देर बाद जब दुकानदार ने अपना गल्ला खोला, तो उसे पता चला कि उसके डेढ़ लाख रुपये चोरी हो गए हैं, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने पिता-बेटी को किया गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो उन्हें इस चोरी का सुराग मिल गया. इसके आधार पर पुलिस बिजनौर से होते हुए सहारनपुर तक पहुंच गई. आखिरकार सहारनपुर के गुनारसा गांव से पुलिस ने योगेंद्र और उसकी बेटी लक्ष्मी को पकड़ लिया. पुलिस को उनके पास से चुराए गए 1.5 लाख रुपये में से सिर्फ 62,200 रुपये ही मिले. पकड़े जाने से बचने के लिए दोनों हेलमेट और मास्क पहनते थे और जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे, उस पर नंबर प्लेट भी नहीं होती थी.