6 अक्टूबर को 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन के बंद लोहे के गेट पर चढ़ गईं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर संसद से चुनाव आयोग तक निकले इस मार्च में पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत लगभग 260 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. डिटेंशन सेंटर ले जाए जाने के बाद जब मुख्य गेट बंद कर दिया गया तो प्रियंका गांधी ने अभूतपूर्व तेवर दिखाते हुए खुद गेट पर चढ़कर उसे खोलवाया जिसकी तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहे हैं.
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संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, बैरिकेड्स पर चढ़े राहुल गांधी
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ निकाले गए इस मार्च में विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए. विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे. जैसे ही मार्च चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ बढ़ा, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके रास्ता रोक दिया. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथों में तिरंगा लिए सीधे बैरिकेड्स पर चढ़ गए. माहौल गरमाता देख पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों को जबरन हिरासत में ले लिया.
किंग्सवे कैंप में प्रियंका का 'हाई-वोल्टेज' विरोध
हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन ले गई. वहां पहुंचने पर जब मुख्य गेट बंद कर दिया गया और कार्यकर्ताओं की आवाजाही रोकी गई तो प्रियंका गांधी ने कमान संभाली.
गेट पर चढ़कर रास्ता खुलवाया: प्रियंका गांधी बिना झिझक ऊंचे लोहे के गेट पर चढ़ गईं और वहीं से रास्ता खोलने की मांग की। आखिरकार पुलिस को गेट खोलना पड़ा.
बस से भी जारी रही नारेबाजी: पुलिस वाहन में बैठाए जाने के बाद भी प्रियंका गांधी का हौसला कम नहीं हुआ. वह गाड़ी की खिड़की से लगातार सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करती दिखीं.
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