Bareilly Police Custody Case: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस हिरासत में पहुंचे एक युवक का दाहिना हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया. युवक की हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टरों को कई घंटे तक ऑपरेशन करना पड़ा और उसकी जान बचाई जा सकी. इस घटना के बाद परिवार और पुलिस के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है.
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मामला बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर बिचपरी गांव का है. घायल युवक की पहचान अनिल के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, डायल 112 पर एक महिला ने अनिल के खिलाफ छेड़छाड़ और गाली-गलौज की शिकायत की थी. शिकायत मिलने के बाद पीआरवी टीम उसे पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी.
पुलिस का दावा- गुस्से में शीशे के गेट पर मारा हाथ
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अनिल शराब के नशे में था और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा. पुलिस का दावा है कि गुस्से में आकर अनिल ने थाने के शीशे वाले गेट पर जोर से हाथ मार दिया, जिससे शीशा टूट गया और उसके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई.
पुलिस का कहना है कि घटना के तुरंत बाद घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया और समय पर उसका उपचार शुरू कराया गया. पुलिस ने मामले में जांच जारी होने की बात कही है.
परिवार का आरोप- थाने में बेरहमी से पीटा गया युवक
वहीं, अनिल के परिवार ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं. युवक की मां लज्जावती का आरोप है कि उनके बेटे को थाने के अंदर पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से पीटा, जिसकी वजह से उसका हाथ कटने की स्थिति में पहुंच गया.
परिवार के मुताबिक, अनिल रोज की तरह अपनी ड्यूटी से लौट रहा था. रास्ते में पड़ोस में रहने वाली एक महिला मिली, जिससे उसने सिर्फ घर छोड़ने की बात कही थी. परिवार का आरोप है कि महिला ने इस बात को गलत समझ लिया और डायल 112 पर छेड़छाड़ की शिकायत कर दी.
परिवार को थाने में नहीं मिलने दिया गया- मां का आरोप
अनिल की मां का कहना है कि पुलिस रात में उनके बेटे को घर से उठाकर थाने ले गई. जब परिवार के लोग थाने पहुंचे तो उन्हें अनिल से मिलने तक नहीं दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन घंटे तक परिवार थाने के बाहर बैठा रहा, लेकिन पुलिसकर्मी लगातार उन्हें टालते रहे.
परिवार का दावा है कि काफी देर बाद उन्हें जानकारी मिली कि अनिल घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अनिल का पूरा शरीर खून से सना हुआ था और उसका दाहिना हाथ बुरी तरह कट चुका था.
कई घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने बचाई जान
परिजनों के मुताबिक, अनिल का ऑपरेशन रात करीब 2 बजे शुरू हुआ, जो कई घंटों तक चला. डॉक्टरों ने काफी मशक्कत के बाद उसकी जान बचाई. फिलहाल युवक का इलाज जारी है. परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते घटना की जानकारी दी होती तो हालात कुछ अलग हो सकते थे.
घटना पर उठ रहे कई सवाल, जांच के आदेश
इस पूरे मामले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. अगर पुलिस के दावे के मुताबिक युवक ने खुद शीशे के गेट पर हाथ मारा था, तो चोट इतनी गंभीर कैसे हुई? क्या थाने में मौजूद पुलिसकर्मी उसे रोक नहीं सकते थे? क्या पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है?
फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि थाने के अंदर आखिर क्या हुआ और युवक किस परिस्थिति में घायल हुआ. इस मामले में फिलहाल पुलिस अपने दावे पर कायम है, जबकि परिवार न्याय की मांग कर रहा है. अब जांच और सबूतों के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि युवक घायल कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.
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