Bareilly News: बरेली जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने सख्त कदम उठाए हैं. संयुक्त निदेशक पशुपालन अरुण कुमार के निर्देश के बाद अब गौशालाओं की निगरानी के लिए नई प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे जमीनी स्तर पर सुधार लाने की कोशिश की जा रही है.
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नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक गौशाला के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, जो नियमित निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे. इसके साथ ही पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे प्रतिदिन की स्थिति की रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें. हर 15 दिन में यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिससे लगातार निगरानी बनी रहे.
सूत्रों के अनुसार, 15 मई के बाद लखनऊ मुख्यालय से एक विशेष टीम कभी भी बरेली का दौरा कर सकती है. यह टीम गौशालाओं की वास्तविक स्थिति, पशुओं के रख-रखाव, चारा-पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण करेगी. निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि जिले में करीब 115 गौशालाएं संचालित हैं, जिन पर सरकार हर महीने करोड़ों रुपये खर्च करती है. इसके बावजूद कई स्थानों से गौवंशों की खराब स्थिति की शिकायतें सामने आई हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशुओं को पर्याप्त पानी, छाया और भोजन मिल सके. प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि बेसहारा गौवंशों को बेहतर देखभाल भी मिल सकेगी.
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