बाराबंकी कोर्ट में आधी रात चला बुलडोजर: वकीलों के चैंबर जमींदोज, बिना नोटिस कार्रवाई से अधिवक्ताओं में भारी रोष

बाराबंकी के सिविल कोर्ट परिसर में बिना सूचना के वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर चलने से हड़कंप मच गया है. जिला बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को न्यायपालिका का अपमान बताया है.

यूपी तक

• 05:57 PM • 08 Apr 2026

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सिविल कोर्ट परिसर उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब प्रशासन ने रात के अंधेरे में वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया. बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के हुई इस कार्रवाई से अधिवक्ता समुदाय में भारी नाराजगी है. तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

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रात के अंधेरे में कार्रवाई, वकीलों ने जताया कड़ा विरोध

जानकारी के मुताबिक, रात के समय नगरपालिका की टीम ने बुलडोजर के साथ कोर्ट परिसर में प्रवेश किया और अधिवक्ताओं के तीन शेड व चैंबरों को ढहा दिया. सुबह जब वकील कोर्ट पहुंचे, तो मलबे को देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा. अधिवक्ताओं का आरोप है कि प्रशासन ने न तो उनसे कोई वार्ता की और न ही खाली करने का समय दिया. वकीलों के कड़े विरोध के चलते प्रशासन को मलबा हटाने का काम बीच में ही रोकना पड़ा.

क्यों हुई बुलडोजर कार्रवाई? यह है पूरा मामला

घटना की पृष्ठभूमि में बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले सिविल कोर्ट में फर्श की मरम्मत का काम चल रहा था. इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड चौकीदार के साथ वकीलों की कथित नोकझोंक और उसे धमकाने का मामला सामने आया था. जिला जज ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सुरक्षा व व्यवस्था का हवाला देते हुए नगरपालिका को अतिक्रमण हटाने यानी बुलडोजर कार्रवाई का आदेश दिया.

बार एसोसिएशन ने की ये मांग

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने इस कार्रवाई को 'अनैतिक' करार दिया है. उन्होंने कहा, "प्रशासन को कार्रवाई से पहले बार एसोसिएशन के साथ बैठक करनी चाहिए थी. बिना चर्चा के इस तरह चैंबर गिराना न्यायपालिका के सम्मान का विषय है." वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल अब जिला जज से मिलकर इस पूरे मामले पर अपना विरोध दर्ज कराएगा और आगे की रणनीति तय करेगा.

कोर्ट परिसर में भारी तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

बुलडोजर चलने की खबर के बाद रात भर कोर्ट परिसर में वकीलों की भीड़ जमी रही. फिलहाल प्रशासन और वकीलों के बीच गतिरोध बना हुआ है. अधिवक्ता मांग कर रहे हैं कि उनके चैंबरों को दोबारा स्थापित किया जाए और इस तरह की एकपक्षीय कार्रवाई पर रोक लगे. पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे.