मिर्जापुर से भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विधायक ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जनता की समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मामला मुख्य रूप से सड़कों की खुदाई, सीवर लाइन और जल जीवन मिशन से जुड़ी अव्यवस्थाओं को लेकर गरमाया हुआ है.
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जनता का सब्र टूट रहा है: विधायक की चेतावनी
विधायक रत्नाकर मिश्रा ने अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते हुए कहा कि 'हर घर जल' योजना और सीवर लाइन के निर्माण कार्यों ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी है. जगह-जगह सड़कों की खुदाई और निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी से आम नागरिक परेशान हैं. उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "अधिकारियों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें."
अस्थायी पुल और सीवर लाइन पर तकरार
विवाद का एक बड़ा केंद्र मिर्जापुर में अस्थायी पुल का बह जाना भी रहा. विधायक ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी का अहसास कराया. उन्होंने कहा कि सड़क और नालों के निर्माण कार्यों में लापरवाही के कारण जलभराव और आवाजाही की समस्या गंभीर हो गई है. विधायक ने अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए पूछा कि आखिर कब तक जनता इन बाधाओं को झेलती रहेगी?
15 दिन का अल्टीमेटम: "काम पूरा करो या कार्रवाई झेलने को तैयार रहो"
बैठक के दौरान अधिकारियों ने सफाई देते हुए तर्क दिया कि कुछ तकनीकी बाधाओं और सड़क निर्माण के विशेष मानकों के कारण काम में देरी हुई है. हालांकि, विधायक इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर कार्य स्थल की बाधाएं दूर नहीं हुईं और काम में तेजी नहीं आई, तो वे शासन स्तर पर सख्त कदम उठाएंगे.
चुनाव से पहले 'जवाबदेही' तय करने की कवायद
सियासी गलियारों में विधायक के इस कड़े रुख को जनता के बीच उनकी जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है. चुनाव से पहले विधायक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि विकास योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुँचे और अधिकारियों की सुस्ती के कारण उनकी छवि पर कोई आंच न आए.
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