Barabanki News: बाराबंकी में तीन माह से बंद पानी की टंकियां, हर घर जल योजना फेल, अधूरी योजनाओं से ग्रामीणों में बढ़ा पेयजल संकट

Barabanki Water Crisis: बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में हर घर जल योजना जमीनी हकीकत से दूर नजर आ रही है. कहीं महीनों से पानी की टंकियां बंद हैं तो कहीं करोड़ों की परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं. पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

बाराबंकी में तीन माह से बंद पानी की टंकियां, हर घर जल योजना फेल, अधूरी योजनाओं से ग्रामीणों में बढ़ा पेयजल संकट

बाराबंकी में तीन माह से बंद पानी की टंकियां, हर घर जल योजना फेल, अधूरी योजनाओं से ग्रामीणों में बढ़ा पेयजल संकट

Newzo

• 03:58 PM • 22 Jun 2026

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 Barabanki Water Crisis: तहसील रामनगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कहीं बनी हुई पानी की टंकियां महीनों से बंद पड़ी हैं तो कहीं करोड़ों रुपये की लागत से शुरू की गई योजनाएं अधूरी छोड़ दी गई हैं. इससे ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.

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विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत हसनपुर पहाड़पुर में पिछले 4 माह से पानी की टंकी खराब पड़ी है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह बंद है और लोगों को पीने व घरेलू कामों के लिए दूर से पानी लाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका. इसके बाद ग्रामीणों ने जिला अधिकारी बाराबंकी से लिखित शिकायत कर जल्द कार्रवाई की मांग की है.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी की टंकी से गांव के पास स्थित एक तालाब में पानी डाला जाता था, जहां मछली पालन किया जाता है, ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं जल निगम के जेई संजय ने बताया कि टंकी की बिजली का तार टूटने से आपूर्ति बाधित हुई है. 

इसी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बडनपुर में उत्तर प्रदेश जल निगम की सोलर पंप आधारित पेयजल योजना के तहत बन रही पानी की टंकी का निर्माण एक वर्ष से अधूरा पड़ा है. टंकी का ढांचा तैयार होने के बाद भी जरूरी कार्य पूरे नहीं किए गए हैं. सोलर पैनल खराब होने लगे हैं और निर्माण सामग्री लंबे समय से पड़ी हुई है. जल निगम के अनुसार रामनगर क्षेत्र में 41 टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें 20 पर कार्य चल रहा है. फंड की समस्या के कारण कई परियोजनाएं प्रभावित हैं.

ग्राम पंचायत गणेशपुर में भी करीब आठ वर्ष पहले बनी पानी की टंकी पिछले 3 वर्षों से बंद पड़ी है. जल निगम ने डीपीआर तैयार कर प्राइवेट कंपनी को मरम्मत का कार्य सौंपने की बात कही है. इसके अलावा ग्राम पंचायत मडना में भी पानी की टंकी बंद चल रही है, जबकि ग्राम पंचायत मीतपुर और थाल खुर्द में पानी की टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की हर घर जल पहुंचाने की योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है.

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बंद और अधूरी पड़ी सभी पानी की टंकियों की जांच कराकर जल्द संचालन कराया जाए, ताकि गांवों में पेयजल संकट दूर हो सके.