Ballia News: बिना लाइसेंस चल रहे अवैध प्रसूति केंद्र में महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील, मचा हड़कंप

Illegal Maternity Clinic Crackdown: बलिया के रतसड़ बाजार में बिना लाइसेंस संचालित अवैध प्रसूति केंद्र में प्रसव के बाद 25 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए केंद्र को सील कर दिया है. मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है.

बिना लाइसेंस चल रहे अवैध प्रसूति केंद्र में महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील, मचा हड़कंप

बिना लाइसेंस चल रहे अवैध प्रसूति केंद्र में महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील, मचा हड़कंप

Newzo

• 05:10 PM • 24 Jun 2026

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Illegal Maternity Clinic Crackdown:  उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रतसड़ बाजार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही और अवैध नर्सिंग होम के संचालन का मामला सामने आया है. यहां एक अवैध प्रसूति केंद्र पर प्रसव के दौरान एक महिला की सन्दिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

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अपर सीएमओ डॉ पद्मावती गौतम ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कल दिन में चांदमुनी दाई नामक एक महिला द्वारा एक प्रसव कराया गया था. प्रसव के समय बच्चा जीवित था, लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद ही महिला को चक्कर आने लगे और उसकी मृत्यु हो गईं. महिला की मौत के बाद एम्बुलेंस की मदद उसे जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ और डीएम ने संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रतसड़ बाजार में ग्रामीण बैंक के पास स्थित उस अवैध केंद्र का निरीक्षण कर उसे सील कर दिया है. अपर सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यह केंद्र बिना पंजीकरण और बिना डिग्री धारक लोगों द्वारा अवैध रूप से चलाया जा रहा था, जहां लंबे समय से प्रसव कराए जा रहे थे. बताई विभाग ने मृतिका के शव का पोस्टमार्टम करवाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. तत्काल कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित कर रहे क्षेत्र के तमाम स्वास्थ्य केंद्रों पर हड़कंप मच गया है.

मृत महिला की पहचान निर्मला देवी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है जो सरदासपुर गांव की निवासी थी. यह उनका दूसरा बच्चा था. अपर सीएमओ ने बताया कि फिलहाल बच्चा सुरक्षित है, लेकिन घटना के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि प्रसूता की मौत के बाद बच्चे को बिना उचित स्वास्थ्य परीक्षण के घर कैसे भेज दिया गया.