Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया में भरत तिवारी के एनकाउंटर का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. अब समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में एनकाउंटर को खिलवाड़ बना दिया गया है और भरत तिवारी जैसे क्रांतिकारियों को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह शोषितों की आवाज उठा रहे थे.
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भगत सिंह के राह पर थे भरत तिवारी
अरविंद गिरी ने भरत तिवारी की तुलना भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद से करते हुए कहा भरत तिवारी क्रांतिकारी थे. वह डॉक्टर लोहिया, जेपी और मुलायम सिंह यादव की विचारधारा को मानने वाले थे. उन्होंने गांव के गरीब शोषित और वंचित की आवाज उठाई जो भाजपा और उनकी गोलवलकर-सावरकर वाली विचारधारा को खटकने लगा. सच बोलने और हक मांगने पर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया.
पुलिस के साथ सीएम और डीजीपी भी दोषी
एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए अरविंद गिरी ने कहा, अगर पुलिस किसी को मारती है, तो क्या वह उसे जिंदा कर सकती है? अगर नहीं तो उसे मारने का हक किसने दिया? यह घोर अन्याय है. इसमें सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीजीपी भी 302 के मुजरिम है. इन्होंने ऐसी पुलिसिंग व्यवस्था बनाई है कि कहीं भी किसी को भी एनकाउंटर के नाम पर मार दिया जाए.
पेपर लीक से लेकर कोचिंग हादसों तक सरकार को घेरा
लखनऊ अग्निकांड के सवालों का जवाब देते हुए अरविंद गिरी ने प्रदेश की बदहाल व्यवस्था पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है. कोचिंग सेंटरों में बच्चों की मौत और बस हादसों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से छात्रों का भविष्य अंधकार में है. पेपर लीक करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं और मेहनत करने वाले छात्र सड़कों पर भटक रहे हैं. अरविंद गिरी ने मांग की कि कोचिंग और शिक्षण संस्थान की अग्नि सुरक्षा और अन्य मानकों की सघन जांच होनी चाहिए और जो भी संस्थान मानकों पर खड़े न उतरे उन पर सख्त कार्रवाई हो.
अंत मे उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि अब जनता जग रही है. भरत तिवारी के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भाजपा की सत्ता से विदाई नहीं होगी और सावरकर-गोलवलकर की विचारधारा वाली सरकार सत्ता से बाहर नहीं होगी, तब तक अन्याय के खिलाफ समाजवादी युवा इसी तरह संघर्ष जारी रखेंगे.
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