175 साल तक ले लो आरक्षण, हमें जरूरत नहीं... अयोध्या में जमकर बरसे बृजभूषण शरण सिंह

भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने आरक्षण पर विवादित बयान देते हुए कहा कि उन्हें आरक्षण की जरूरत नहीं है. उन्होंने संविधान निर्माण में 242 सांसदों की भूमिका पर भी जोर दिया.

यूपी तक

• 01:45 PM • 20 Apr 2026

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कैसरगंज से पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने आरक्षण और संविधान को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान देकर सियासी पारा गरमा दिया है. अयोध्या में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आरक्षण की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए इसे सामाजिक विभाजन का आधार बताया.

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'हमें आरक्षण की जरूरत नहीं, चाहे 175 साल ले लो'

मंच से हुंकार भरते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कुछ लोग आरक्षण को लेकर राजनीति करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि 75 साल बाद भी इसके वास्तविक लाभ पर सवालिया निशान है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "75 साल क्या, आप 175 साल तक आरक्षण ले लो, लेकिन हमें इसकी जरूरत नहीं है." उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों के आरक्षण से आखिर कितने लोगों का भला हुआ है और क्या वाकई समाज में समानता आई है?

संविधान निर्माण पर बड़ा दावा

संविधान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व सांसद ने एक नया तर्क दिया. उन्होंने कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि संविधान केवल बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने बनाया है, लेकिन यह आधा सच है. उन्होंने दावा किया कि संविधान का निर्माण केवल एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि 242 सांसदों की संविधान सभा ने मिलकर किया था.

जातिगत राजनीति और कांशीराम का जिक्र

बृजभूषण शरण सिंह ने देश में मंडल आयोग और जातिगत राजनीति के उदय पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि जातिगत राजनीति ने समाज को टुकड़ों में बांट दिया है. उनके अनुसार, आरक्षण ने समाज में समानता लाने के बजाय कई समुदायों के बीच असंतुलन पैदा कर दिया है, जिससे कई योग्य लोग आज भी पीछे छूटे हुए हैं.