उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप अब टॉर्चर में बदल चुका है. आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों में लू का येलो अलर्ट जारी किया है. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहाँ पारा 45 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर को पार कर गया है.
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भीषण गर्मी के बीच येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं. लू का सबसे ज्यादा असर इन क्षेत्रों में देखा जा रहा है:
- बुंदेलखंड: झांसी और बांदा जैसे जिलों में तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है.
- पूर्वांचल: वाराणसी और प्रयागराज में सुबह से ही गर्म हवाएं (लू) चल रही हैं.
- ब्रज क्षेत्र: आगरा में भी पारा 42-44 डिग्री के आसपास बना हुआ है.
क्यों धधक रहा है उत्तर प्रदेश?
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस भीषण गर्मी के पीछे सूखी पछुआ हवाएं मुख्य कारण हैं. ये हवाएं वातावरण की रही-सही नमी को भी सोख रही हैं, जिससे फील लाइक टेम्परेचर वास्तविक तापमान से कहीं अधिक लग रहा है. फिलहाल दूर-दूर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद कम है.
दोपहर में निकलने से बचें: स्वास्थ्य विभाग की सलाह
लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है:
- हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी, ओआरएस (ORS), या घर के बने तरल पदार्थ (लस्सी, आम पना) पीते रहें.
- पीक ऑवर्स: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें.
- सुरक्षा: बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें.
सिस्टम भी अलर्ट मोड पर
भीषण गर्मी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है. अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी का यह तीखा तेवर जारी रहने वाला है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
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