फतेहपुर के एक यूट्यूबर और चाय विक्रेता आर्यन यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी दुकान पर चाय पिलाने के बाद से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. हाल ही में उन पर और उनके परिवार पर कुछ लोगों द्वारा जानलेवा हमला करने और दुकान में लूटपाट का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद पुलिस ने कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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कौन हैं आर्यन यादव
यह मामला तब चर्चा में आया जब 22 फरवरी 2026 को अखिलेश यादव फतेहपुर से गुजरते हुए आर्यन यादव की चाय की टपरी पर रुके और चाय पी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था . आर्यन के अनुसार, इस घटना के बाद से ही कुछ लोग उसे निशाना बना रहे हैं.. आर्यन ने आरोप लगाया है कि कुछ मुस्लिम वर्ग के लोग उसकी दुकान पर आए और उसे अखिलेश यादव को चाय पिलाने के लिए जान से मारने की धमकी दी. उन्होंने आर्यन, उसके पिता और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और दुकान की गुल्लक से करीब 7,000 रुपये लूट ले गए.
हमले से पहले, आर्यन की दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम भी पहुंची थी. विभाग के अनुसार, उन्हें दुकान पर चाय पत्ती में मिलावट की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने नमूना लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और आर्यन की दुकान का पंजीकरण वैध है.
इस हमले के बाद, आर्यन यादव की शिकायत पर पुलिस ने जरजीस अहमद, कयूम, यासीन अहमद, जावेद अहमद समेत 17 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है.
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