उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से 'मित्र पुलिस' के दावों की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. कछौना थाने में न्याय की गुहार लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग के साथ पुलिसकर्मियों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें अपमानित कर थाने से भगाने की कोशिश भी की. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
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न्याय के बदले मिला अपमान
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग जमीन विवाद से जुड़ी एक शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे. उम्मीद थी कि खाकी उनकी मदद करेगी, लेकिन वहां तैनात दारोगा ने फरियादी की बात सुनने के बजाय उन पर चिल्लाना और धमकाना शुरू कर दिया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह दारोगा बुजुर्ग के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और उन पर गलत आरोप मढ़ने की कोशिश की जा रही है.
कार्रवाई: दारोगा निलंबित, जांच शुरू
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही कार्रवाई की गई है. अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपी पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच बैठा दी गई है. हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि क्या महज निलंबन ही ऐसे व्यवहार का समाधान है?
सिस्टम और 'मित्र पुलिस' पर सवाल
यह घटना यूपी पुलिस की उस कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, जहां थानों को फरियादियों के लिए मददगार बनाने के दावे किए जाते हैं. न्याय की चौखट पर जब एक बुजुर्ग को अपमान और धमकी मिलती है, तो वह पूरे सिस्टम के भरोसे को तोड़ता है. यह मामला एक बार फिर पुलिस सुधारों और पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता की ट्रेनिंग की आवश्यकता को उजागर करता है.
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