उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की लंबी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है. 2002 बैच के आईएएस अधिकारी समीर वर्मा पिछले छह महीने से अपने विभाग से गायब हैं. बिना अनुमति के ड्यूटी से नदारद रहने के कारण अब शासन उन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.
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छुट्टी नहीं मिली, तो पदभार ग्रहण करने ही नहीं पहुंचे
समीर वर्मा पहले स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में महानिरीक्षक (IG) के पद पर तैनात थे. जुलाई 2025 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था. इसके बाद अक्टूबर 2025 में शासन ने उन्हें नियोजन विभाग में सचिव के पद पर नई तैनाती दी. बताया जा रहा है कि समीर वर्मा ने आगे की पढ़ाई के लिए विभाग से छुट्टी मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी. इसके बावजूद उन्होंने अपने नए पद पर जॉइनिंग नहीं दी और तब से उनका कुछ पता नहीं है.
उमा भारती के निजी सचिव भी रह चुके हैं समीर
समीर वर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के एक अनुभवी अधिकारी हैं. अपने करियर के दौरान वे कई जिलों में जिलाधिकारी (DM) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसके अलावा, वे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निजी सचिव (PS) के तौर पर भी कार्य कर चुके हैं.
विभाग ने बैठाई जांच, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
6 महीने की लंबी अनुपस्थिति ने नियोजन विभाग के कामकाज को प्रभावित किया है. शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी खोजबीन के लिए एक जांच कमेटी गठित की है. प्रशासनिक नियमों के अनुसार, लंबे समय तक बिना सूचना के गायब रहने पर अधिकारी को सस्पेंड करने या उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान है.
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