उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चाय विक्रेता और उसका परिवार दबंगों के कहर का शिकार हो गया. यह वही मशहूर दुकान है जहां कुछ समय पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रुककर चाय पी थी. अब इस दुकान और इसके संचालक आर्यन यादव के परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है.
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फूड सेफ्टी विभाग की रेड
मामले की शुरुआत तब हुई जब फूड सेफ्टी विभाग की टीम अचानक आर्यन की दुकान पर जांच के लिए पहुंची. टीम ने चाय बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा. साथ ही, एल्यूमीनियम के बर्तनों के इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए हिदायत दी. इस निरीक्षण के बाद से ही दुकान को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं.
महिलाओं को भी नहीं बख्शा
निरीक्षण के कुछ ही समय बाद, विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया. आरोप है कि इलाके के कुछ दबंगों ने आर्यन यादव की दुकान पर धावा बोल दिया. दबंगों ने न केवल आर्यन के साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने आए उनके पिता, बहन और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ भी अभद्रता और हिंसा की. परिवार का आरोप है कि दबंगों ने दुकान में तोड़फोड़ की और गल्ले में रखे पैसे भी लूट ले गए.
अखिलेश यादव की चाय से चर्चा में आई थी दुकान
आर्यन यादव की यह दुकान तब सुर्ख़ियों में आई थी जब अखिलेश यादव ने यहाँ चाय की चुस्कियां ली थीं और दुकान की तारीफ की थी. अब इस ताजा हमले के बाद मामला राजनीतिक रूप ले चुका है. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि एक मेहनत करने वाले परिवार के साथ इस तरह की गुंडागर्दी की गई.
पुलिसिया कार्रवाई और तनावपूर्ण माहौलफतेहपुर पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है. फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
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