उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जो प्यार, धर्म परिवर्तन और पारिवारिक अलगाव के दर्दनाक अंत की कहानी बयां करती है. चार साल पहले जिस युवक ने प्यार की खातिर अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, अंततः उसने मौत को गले लगा लिया.
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प्यार के लिए बदला धर्म, बने विनय से इमरान
मामला बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र का है. यहां के रहने वाले विनय को मुस्कान नाम की युवती से प्यार हुआ था. अपने प्यार को पाने के लिए विनय ने चार साल पहले हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया और अपना नाम इमरान रख लिया. दोनों ने निकाह किया और एक खुशहाल जिंदगी का सपना संजोकर किराए के मकान में रहने लगे. इमरान ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं.
रिश्तों में दरार और काम का दबाव
शादी के कुछ समय बाद ही इमरान और मुस्कान के बीच अनबन शुरू हो गई. इमरान परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करता था, लेकिन मुस्कान को उसका देर रात तक घर से बाहर रहना पसंद नहीं था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए एक झगड़े के बाद मुस्कान अपने मायके चली गई थी. जब वह वापस लौटी, तो कमरे के अंदर इमरान का शव मिला.
परिवार ने फेर लिया मुंह, पोस्टमार्टम के लिए भी नहीं आए
धर्म परिवर्तन और प्रेम विवाह के फैसले से इमरान के परिजन इतने नाराज थे कि उन्होंने सालों पहले उससे नाता तोड़ लिया था. इमरान का परिवार दूसरे जिले में रहता है. जब पुलिस ने उसकी मौत की सूचना मां को दी, तो उन्होंने यह कहते हुए आने से मना कर दिया कि उनका विनय तो उसी दिन मर गया था जिस दिन उसने धर्म बदला था.
अकेलेपन और तनाव ने ली जान
यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है. एक तरफ प्यार के लिए वजूद बदलने का जुनून था, तो दूसरी तरफ परिवार से दूरी और बढ़ते मानसिक तनाव का बोझ. अंततः तंगहाली और अकेलेपन ने एक हंसते-खेलते युवक की जिंदगी छीन ली. इस घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है और पुलिस मामले की वैधानिक जांच कर रही है.
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