Ayodhya Ram Temple News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस मामले की जांच अब और गहराती जा रही है. मंदिर प्रबंधन पर लगे आरोपों के बीच एसआईटी लगातार जांच में जुटी हुई है. इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो में वही स्थान दिखाई दे रहा है जहां मंदिर में चढ़ाई गई दान राशि की गिनती की जाती है. साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि कथित चोरी इसी व्यवस्था से जुड़ी है. हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें किए जा रहे दावों पर मंदिर प्रबंधन या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चाएं
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक बड़ी टेबल पर नोटों के ढेर दिखाई दे रहे हैं और कई लोग मिलकर उनकी गिनती करते नजर आ रहे हैं. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह राम मंदिर में दान राशि की गिनती की प्रक्रिया का दृश्य है. इसी के साथ कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दो सौ करोड़ रुपये से अधिक की कथित चोरी का दावा भी किया जा रहा है. इन दावों के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्षी दल सरकार तथा श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
दानपात्र से लेकर सीसीटीवी तक जांच का दायरा
एसआईटी की जांच अब केवल दानपात्र तक सीमित नहीं है. जांच टीम दान राशि के प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए जारी किए जाने वाले पास की प्रक्रिया की भी गहन पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसियां कई कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी हैं और चढ़ावा कक्ष से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का डेटा करीब एक दर्जन पेनड्राइव में सुरक्षित किया गया है. अब पूर्व कर्मचारियों का रिकॉर्ड जुटाकर उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है.
मंदिर परिसर में रही एसआईटी
विशेष जांच टीम ने दो दिनों तक मंदिर परिसर में रहकर पूरे सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया. पहले दिन टीम ने करीब आठ घंटे और दूसरे दिन लगभग ग्यारह घंटे तक जांच की. इस दौरान दानपात्र से राशि निकालने, नोटों की गड्डियां तैयार करने, धनराशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया. इसके अलावा एसआईटी ने दान राशि के प्रबंधन को समझने के लिए स्टेट बैंक के कर्मचारियों से भी विस्तृत जानकारी ली.
गाड़ियों की खरीद भी जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसे नौ कर्मचारियों की जानकारी सामने आई है, जिन्होंने हाल के दिनों में महंगे मोबाइल फोन और वाहन खरीदे हैं. इसी वजह से जांच एजेंसियों ने उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी है. दूसरी ओर, इस मामले में चर्चा में आए रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं. फिलहाल एसआईटी सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
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