Nripendra Mishra: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान चोरी विवाद के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है. 'TV9 भारतवर्ष' को दिए एक इंटरव्यू में नृपेंद्र मिश्रा ने उन तमाम सवालों के जवाब दिए हैं जो इस वक्त श्रद्धालुओं और आम जनता के जेहन में तैर रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि मामले में तुरंत एफआईआर न होना एक सोची-समझी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. साथ ही उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे से चंपत राय के दूर रहने की अटकलों पर भी विराम लगाया है.
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तुरंत FIR न होने की क्या है वजह?
इंटरव्यू के दौरान जब राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा से पूछा गया कि नकदी बरामद होने और जांच शुरू होने के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? इस पर उन्होंने स्पष्ट करते हुए 'TV9' से कहा कि 'अगर ट्रस्ट ने पहले या दूसरे दिन ही जानकारी मिलते ही एफआईआर लिखाई होती तो वह एक अधूरी एफआईआर होती. उसमें यह भी विवाद होता कि किसका नाम डाला जाए और किसका नहीं. इसीलिए जिम्मेदार लोगों के थॉट प्रोसेस में यह रहा कि राज्य सरकार से अनुरोध कर एक एसआईटी का गठन कराया जाए.'
उन्होंने आगे जोड़ा कि जुडिशियल इंक्वायरी शुरू होने में ही तीन महीने लग जाते हैं. जबकि एसआईटी का फायदा यह है कि 7 दिन की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट आते ही उसे तुरंत एफआईआर में कन्वर्ट कर दिया जाएगा. इससे बार-बार सप्लीमेंट्री एफआईआर दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
चंपत राय को लेकर फैलाई जा रही अटकलों को नकारा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या यात्रा के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मंच पर न रहने और उनके प्रतिनिधि के शामिल होने की खबरों पर भी नृपेंद्र मिश्रा ने स्थिति साफ की. उन्होंने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि जांच के घेरे में होने की वजह से चंपत राय से दूरी बनाई जा रही है. नृपेंद्र मिश्रा ने कहा 'यह बात बिल्कुल गलत है. चंपत राय जी का आचरण और कंडक्ट हमेशा से बेहद समर्पित और पवित्र रहा है. मैं कल ही अयोध्या से लौटा हूं और चंपत राय जी थोड़े अस्वस्थ थे, उन्हें खांसी आ रही थी. यह कदापि नहीं होगा कि किसी दोष के कारण उन्हें मुख्यमंत्री से दूर रखा जाएगा. वे जांच में पूरी सहायता करेंगे. उन्हें दूर रखने का कोई सवाल ही नहीं उठता.'
बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया
जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले को बहुत बड़ा बताते हुए कहा है कि 'बड़े लोग इन्वॉल्व हैं और वह सही समय पर बोलेंगे' तो क्या इसमें किसी बड़े सिंडिकेट की मिलीभगत है? इस पर नृपेंद्र मिश्रा ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि वह इस पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह एक सम्मानित और प्रतिष्ठावान व्यक्ति हैं. संभवतः उन्होंने यह बात किसी व्यक्ति विशेष को ध्यान में रखकर नहीं कही होगी बल्कि उनका अनुमान इस मामले में शामिल धनराशि के बड़े आकार को लेकर रहा होगा.
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