24 कमरों का आलीशान हॉस्टल... चंपत राय का ड्राइवर टिन्नू यादव अचानक कैसे बन गया 'करोड़पति'? राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा खुलासा

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में घिरे राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के अतीत को लेकर बड़ा खुलासा. कभी ऑटो और टेंपो चलाने वाला शख्स अचानक राम मंदिर का इतना प्रभावशाली चेहरा कैसे बन गया, इसकी जांच में जुटी SIT.

Photo: Tinnu Yadav

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संतोष शर्मा

15 Jun 2026 (अपडेटेड: 15 Jun 2026, 01:45 PM)

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Ram Mandir Donation Case: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी का मामला अब बेहद गरमा गया है. योगी सरकार द्वारा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन के बाद इस केस में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. मंदिर में आने वाले रोजाना के लाखों रुपये के चढ़ावे में हेराफेरी के इस खेल में अब एक बेहद रसूखदार 'प्राइवेट व्यक्ति' का नाम भी सामने आ रहा है. इस नाम के सामने आने के बाद भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार तक खुलकर हमलावर हो गए हैं.

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चंपत राय का ड्राइवर और करोड़ों की अकूत संपत्ति!

जांच में आया यह नया और चर्चित नाम किसी बड़े अधिकारी का नहीं, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रहे राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का है. सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले तक राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सामान्य ड्राइवरी का काम करता था. लेकिन आरोप है कि चंपत राय का ड्राइवर बनने के बाद से अचानक उसके दिन पलटने लगे. कथित रूप से उसकी माली हालत में इतना बड़ा उछाल आया कि आज वह करोड़ों की आलीशान संपत्तियों का मालिक बन बैठा है.

कैंट इलाके में 24 कमरों का आलीशान हॉस्टल

टिन्नू यादव की अकूत संपत्ति का एक बड़ा सुराग अयोध्या के कैंट इलाके में देखने को मिला है, जहां उसका 24 कमरों का एक आलीशान हॉस्टल खड़ा है. इस बड़े और भव्य हॉस्टल में आस-पास के कई जिलों से आए छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. करोड़ों की लागत से बने इस हॉस्टल के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए.

यहां देखें टिन्नू यादव के हॉस्टल से वीडियो रिपोर्ट 

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि राम शंकर यादव अचानक राम मंदिर के सबसे प्रभावशाली और ताकतवर चेहरों में कैसे शामिल हो गया? चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियारों में 'टिन्नू यादव' की ही चर्चा हो रही है.

हालांकि, राम मंदिर के चढ़ावे में हुई इस कथित हेराफेरी और गड़बड़ी के आरोपों की जांच अभी शुरुआती दौर में है और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की तफ्तीश जारी है. किसी भी कानूनी स्तर पर अभी तक दोष साबित नहीं हुआ है, लेकिन इस बड़े विवाद ने टिन्नू यादव के फर्श से अर्श तक के इस सफर को अयोध्या की राजनीति का सबसे गरमा-गरम विषय जरूर बना दिया है.