Ram Mandir theft case: राम मंदिर परिसर में हुई चोरी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस मामले में जांच को लेकर बलिया के फेफना विधानसभा नेता व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की मांग की है.
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह ने सरकार की जांच प्रक्रिया पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि, राम मंदिर जैसे करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र से जुड़े मामले में केवल SIT बनाकर खानापूर्ति करना पर्याप्त नहीं है. इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए इसकी जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए.
जांच की निगरानी के लिए रखी ये बड़ी शर्त
अवलेश सिंह ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सरकार के सामने तीन मुख्य शर्ते रखी है. उन्होंने कहा कि जांच का जिम्मा सीबीआई या ईडी को दिया जाए. पूरी जांच प्रक्रिया की मॉनिटरिंग किसी रिटायर्ड जज की देख रेख में होनी चाहिए. इस मामले की निगरानी के लिए संतों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जाए.
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सरकार पर लगाया दोहरे रवैये का आरोप
सपा नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छोटे-मोटे मामलों में तुरंत सक्रिय होने वाली केंद्रीय एजेंसियां इस बड़े मामले में क्यों खामोश है? उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में दोहरा रवैया अपना रही है. अवलेश सिंह ने जोर देकर कहा कि राम मंदिर आस्था का विषय है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई या संदेह की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई बहस
अवलेश सिंह के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है. विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार की घेराबंदी करने की तैयारी में है. वही अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेता की इन मांगों पर सरकार या मंदिर ट्रस्ट की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है.
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