हमारा बयान दर्ज करो, मनरेगा जांच टीम की गाड़ी के आगे डटीं महिलाएं, बलिया का वीडियो चर्चा में

MGNREGA Scam Ballia: बलिया के सीयर विकासखंड के शाहपुर टिटिहा गांव में मनरेगा घोटाले के आरोपों की जांच के दौरान महिलाओं ने अधिकारियों को घेरकर विरोध जताया. ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में फर्जी मजदूरी दिखाकर सरकारी धन की हेराफेरी हुई. मामले का वीडियो वायरल होने के बाद जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.

Ballia MGNREGA scam

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Newzo

• 04:07 PM • 13 Jun 2026

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MGNREGA Scam Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां जांच करने आए अधिकारियों को स्थानीय महिलाओं के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मामला मनरेगा के तहत हुए फर्जीवाड़े का बताया जा रहा है, जहां काम तो हुआ नहीं लेकिन सरकारी धन की बंदरबांट कर ली गई है. जब जांच टीम मामले में लीपा पोती करने की कोशिश करती दिखी तो आक्रोशित महिलाओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उन्हें बिना बयान दर्ज किए जाने नहीं दिया.

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मामला बलिया के विकासखंड सीयर के शाहपुर टिटिहा का है. आजाद अधिकार सेना के प्रदेश महासचिव सिंहासन चौहान ने शिकायत की थी कि गांव में 120 मीटर लंबे और 3.5 मीटर चौड़े चक मार्ग के निर्माण के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा हुआ है. आरोप है कि कागजों पर 154 दिन की हाजिरी भर कर सरकारी पैसे की लूट की गई जबकि मौके पर किसी भी महिला ने 1 दिन भी काम नहीं किया था. इस शिकायत के बाद बलिया के जिला अधिकारी ने जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया था.

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें जांच के लिए आई टीम की गाड़ी को गांव की महिलाओं ने घेर रखा है. महिलाओं का आरोप है कि अधिकारी मामले में लीपा-पोती कर रहे हैं और उनके बयान लिए बिना ही वापस जाने की फिराक में है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिलाएं अपने हक के लिए डटी हुई है. उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और लिखित बयान दर्ज नहीं किया जाएगा वह गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने देंगी. मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

शिकायतकर्ता सिंहासन चौहान का कहना है कि पूर्व में बी.डी.ओ. सीयर द्वारा मामले में फर्जी और मनगढ़ंत आख्या प्रस्तुत की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया की जांच के दौरान जब महिलाओं और पुरुषों ने सच बताया कि किसी महिला ने काम नहीं किया फिर भी अधिकारियों ने इसे नजर अंदाज कर गलत रिपोर्ट दी. अब देखना यह होगा कि क्या इस बार महिलाओं के विरोध के बाद सच सामने आएगा या भ्रष्ट अधिकारियों पर फिर से पर्दा डाल दिया जाएगा.