UP Politics: समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय गौरीगंज में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने प्रदेश सरकार पर आरक्षण व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग के आरक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं.
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राम उदित यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2019 से 2026 तक आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं का अध्ययन किया है, जिसमें पीडीए वर्ग के लिए आरक्षित 11,514 पदों में घोटाले की बात सामने आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आरक्षण नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया, जिससे हजारों पात्र अभ्यर्थी अपने अधिकारों से वंचित रह गए.
उन्होंने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है. विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे सामाजिक न्याय की अवधारणा प्रभावित हुई है.
राम उदित यादव ने वर्ष 2018 की 69 हजार शिक्षक भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें आरक्षण से संबंधित गंभीर विसंगतियां सामने आई थीं। इसके चलते हजारों अभ्यर्थियों को लंबे समय तक मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह मामला आज भी युवाओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
उन्होंने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पार्टी "संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ" अभियान चलाएगी. इसके तहत बूथ स्तर तक कार्यकर्ता घर-घर जाकर संबंधित बुकलेट पहुंचाएंगे और लोगों को कथित पीडीए आरक्षण घोटाले की जानकारी देंगे. उनका कहना था कि इस अभियान का उद्देश्य जनता को यह बताना है कि भाजपा सरकार ने पीडीए समाज के युवाओं के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पीडीए आरक्षण घोटाला समाजवादी पार्टी का प्रमुख मुद्दा होगा.
इस अवसर पर मनीराम वर्मा, गुंजन सिंह, दीपू तिवारी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इसकी जानकारी राजेश मिश्र प्रवक्ता समाजवादी पार्टी ने दी.
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