सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

Amethi PWD News: अमेठी में पीडब्ल्यूडी की सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं. ग्रामीणों ने हाथों से गिट्टियां उखाड़कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है. कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने जांच और कार्रवाई की मांग की है. मामला अब सड़क निर्माण में गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में है.

Amethi Road Construction News

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Newzo

11 Jun 2026 (अपडेटेड: 11 Jun 2026, 11:35 AM)

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Amethi PWD News: अमेठी में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे है.सोशल मीडिया पर जिले दो सड़को को ग्रामीण अपने हाथों से उखाड़कर बड़े स्तर पर सड़को के निर्माण में भ्रस्टाचार का आरोप लगा रहे है. जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है.अब कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने भी पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशाषी अभियंता को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है.

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ग्रामीणों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

दरअसल जिले में इन दिनों कई सड़को का नवीनीकरण किया जा रहा है जो सवालों के घेरे में है. शाहगढ़ ब्लाक में एक सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे एक ग्रामीण सड़क की गिट्टियों को अपने हाथों से उखाड़कर उसके निर्माण पर सवालिया निशान लगा रहा है.इसके साथ ही गौरीगंज ब्लाक के संभावा गांव में एक ग्रामीण सड़क की गिट्टियों को हाथों से उखाड़कर गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है.अब कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?

कार्यवाही न होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की भी बात कर रहे है. शाहगढ़ ब्लाक में निर्माणाधीन सड़क की लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर है जिसका नवीनीकरण करीब 14 लाख रुपए की लागत से हो रहा है.और पप्पू मिश्रा नाम के ठेकेदार सड़क का नवीनीकरण करवा रहे है.

फिलहाल ग्रामीणों द्वारा बनाया गया वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.

सड़क बनने के कुछ दिन बाद ही क्यों उखड़ने लगी गिट्टियां? 

अमेठी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया. अब यह मामला केवल एक सड़क तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रहा है.