Amethi Tehsil News: ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, तहसील परिसर में मारपीट का वीडियो वायरल

Amethi News: अमेठी तहसील परिसर में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने और उसके बाद मारपीट होने का मामला चर्चा में है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. अधिकारियों ने जांच के आदेश देते हुए दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

Amethi Viral Video

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Newzo

• 12:08 PM • 09 Jun 2026

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Amethi News: तहसील परिसर में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. सोशल मीडिया पर एक मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके साथ यह दावा किया जा रहा है कि तहसील में काम कराने आए एक युवक से ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पैसे की मांग की गई.

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जानकारी के अनुसार, पीपरपुर थाना क्षेत्र के लहना गांव निवासी अनुभव सिंह ने आरोप लगाया है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उससे कानूनगो के नाम पर धनराशि मांगी गई.

आरोप है कि पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया. घटना सोमवार की बताई जा रही है.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

गौरतलब है कि तहसील एवं परगना कार्यालय परिसर में स्पष्ट रूप से बोर्ड लगा है कि भ्रष्टाचार मुक्त क्षेत्र, रिश्वत लेना और देना कानूनी अपराध है. यदि कोई रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी अमेठी अथवा तहसीलदार अमेठी को दें. इसके बावजूद रिश्वत मांगने के आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

मामले को लेकर उपजिलाधिकारी पंकज मिश्र ने बताया कि तहसील परिसर में हुई मारपीट की घटना की जानकारी मिली है. प्रकरण की जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या राजस्व कर्मी द्वारा अवैध रूप से धन की मांग किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. शासन की मंशा के अनुरूप सभी प्रमाण पत्र एवं राजस्व संबंधी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं तथा किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वायरल वीडियो की भी जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.