पहले आंख निकाली फिर प्राइवेट पार्ट काटा, अमेठी में अंकित कश्यप की खौफनाक मौत के बाद पत्नी ने जो-जो बताया वो सुन हिल जाएंगे

अभिषेक त्रिपाठी

• 01:53 PM • 05 Aug 2026

अमेठी के गौरीगंज में युवक अंकित कश्यप की बेरहमी से हत्या के बाद बवाल मचा है. पत्नी ने पुलिस पर लाठीचार्ज और फर्जी हाफ एनकाउंटर का आरोप लगाया है. परिजन इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार से इनकार कर रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश के अमेठी के गौरीगंज में घटी एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. आरोप है कि 3 अगस्त की शाम अंकित कश्यप नाम के युवक को घर के अंदर बंद करके सुखई यादव और उसके साथियों ने मिलकर हत्या कर दी. हमलावरों ने न सिर्फ धारदार हथियार से अंकित पर हमला किया बल्कि उसकी आंखें निकाल लीं, कान के पर्दे फाड़ दिए और उसका प्राइवेट पार्ट तक काट डाला.

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वारदात के बाद से ही घर के फर्श और दीवारों पर फैले खून के धब्बे चीख-चीखकर उस भयावह रात की दास्तान बयां कर रहे हैं. लेकिन कहानी सिर्फ इस जघन्य हत्याकांड तक सीमित नहीं है. अब इस मामले में पुलिस के रवैये, परिजनों पर कथित लाठीचार्ज और मृतक की पत्नी के आंसुओं ने पूरे प्रदेश की सियासत और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यूपी Tak के रिपोर्टर अभिषेक त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर मृतक की पत्नी श्वेता यादव और पीड़ित परिवार से सीधी बातचीत की.

जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब-तक नहीं होगा अंतिम संस्कार

घटना के बाद से ही अंकित कश्यप का शव उसके घर पर रखा हुआ है. परिवार वालों ने साफ कह दिया है कि जब तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिलता वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. पुलिस का दावा है कि उसने मुख्य आरोपी सुखई यादव को हाफ एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन परिजन और स्थानीय लोग पुलिस के इस हाफ एनकाउंटर को महज पीठ थपथपाने और वाहवाही लूटने का ड्रामा बता रहे हैं.

यूपी TAK के रिपोर्टर अभिषेक त्रिपाठी से बातचीत में क्या बोलीं मृतक की पत्नी?

मृतक अंकित कश्यप की पत्नी श्वेता यादव ने यूपी Tak के रिपोर्टर अभिषेक त्रिपाठी से बातचीत करते हुए कहा कि 'कल पुलिस ने सुखई यादव के पैर में गोली मारकर हाफ एनकाउंटर का नाटक किया. इसे एनकाउंटर कहते हैं क्या? एनकाउंटर था तो सीने या सिर में गोली मारते. पैर में गोली खाने के बाद तो वह जिंदा है. लेकिन मेरा पति मुझे कौन वापस देगा? मेरे बच्चों का बाप कौन लौटाएगा? जब हम अपनी फरियाद लेकर डीएम आवास जाने लगे, तो सीओ वीरेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस वालों ने हमें रास्ते में रोककर लाठियों से पीटा. मुझसे अभद्रता की गई और गाली देकर भगाया गया. हमारे चाचा, दादा और उनकी पत्नी ने मिलकर मेरे पति को कुंडे में बंद करके मार डाला और अब हमें भी मारने की धमकी दे रहे हैं.'

अंकित कश्यप की हत्या के पीछे की वजह?

अंकित कश्यप ने साल 2023 में श्वेता यादव से शादी की थी. श्वेता का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था. श्वेता के माता-पिता दिल्ली में रहते थे. लेकिन उसके चाचा और दादा गांव में ही रहते थे. इस बीच श्वेता और अंकित के दो बच्चे भी हुए. लेकिन उसका परिवार अभी भी बदले की आग में जल रहा था.  इस बीच श्वेता अपने माता-पिता से मिलने दिल्ली गई हुई थी. इसी बीच मौका पाकर श्वेता के चाचा और दादा ने अंकित को घर बुलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. 


श्वेता यादव ने सीएम योगी से लगाई इंसाफ की गुहार 

श्वेता ने आगे कहा कि 'मैं मुख्यमंत्री जी से यही चाहती हूं कि उन चारों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवाया जाए और उनका फुल एनकाउंटर करके उन्हें मार दिया जाए. अगर आरोपी मारे जाते हैं, तभी मेरे कलेजे को ठंडक पहुंचेगी.'

डीएम कार्यालय जा रहे परिजनों पर लाठीचार्ज का आरोप

अंकित का शव घर में रखकर न्याय की गुहार लगा रहे परिजन और ग्रामीण जब अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने जिलाध्यक्ष व जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, तो आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठियां भांज दीं.

अंकित की मां कंचन का कहना है कि 'हम लोग शांति से इंसाफ मांगने जा रहे थे लेकिन पुलिस वालों ने हमें और बुजुर्गों को भी नहीं छोड़ा. डंडों से मारा. हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए.'

घायल ग्रामीण शीतला प्रसाद ने कहा कि 'हम तो पीछे चल रहे थे लेकिन पुलिस वालों ने धक्का देकर मारना शुरू कर दिया. जो हाफ एनकाउंटर की बात पुलिस कह रही है, वह सब हवा-हवाई है. आरोपी को घर से उठाकर पैर में पट्टी बांधकर फोटो खिंचवा ली गई है.'

पुलिस प्रशासन का बयान और बैकफुट पर अधिकारी

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से जब लाठीचार्ज और परिजनों के गंभीर आरोपों पर सवाल पूछा गया, तो वे कैमरे पर गोलमोल जवाब देते नजर आए. पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) ने लाठीचार्ज के आरोपों पर कहा 'हम जांच करके देखेंगे कि क्या प्रकरण है. परिजन आरोप लगा रहे हैं तो उसकी जांच की जाएगी. जो भी नामजद अभियुक्त थे, उन सभी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.'

हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है. प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि किसी तरह परिजनों को मनाकर शव का दाह-संस्कार कराया जाए.