Amethi News: गौरीगंज सदर से पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी छोड़ चुके राकेश प्रताप सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा सियासी हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी में नाराजगी सिर्फ सांसदों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई विधायक, पदाधिकारी और वर्षों से झंडा उठाकर चलने वाले कार्यकर्ता भी खुद को उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं तथा सही समय का इंतजार कर रहे हैं.
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राकेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी के कारण सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं का लगातार अपमान हो रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की भावनाओं और उनकी बात रखने वाले नेताओं को महत्व नहीं दिया जा रहा है. उनके मुताबिक, रामभक्तों को प्रभु श्रीराम के दर्शन से रोकने और श्रीरामचरितमानस से जुड़े विवादों पर पार्टी नेतृत्व की चुप्पी ने कार्यकर्ताओं के मन में पीड़ा पैदा की है.
पूर्व विधायक ने कहा कि जब कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों पर विरोध जताया तो उन्हें अपमानित किया गया. उन्होंने दावा किया कि मुझ जैसे कई नेताओं को घुटन महसूस होने लगी, जिसके बाद हमने पार्टी छोड़ने का फैसला किया. कई पुराने साथी भी अपमान का घूंट पी रहे हैं और अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि आज की समाजवादी पार्टी एक जाति और धर्म विशेष की पार्टी बनकर रह गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है जो सनातन धर्म, ब्राह्मण समाज और गैर-यादव पिछड़ों के खिलाफ बयानबाजी करवाते हैं, जबकि शीर्ष नेतृत्व मूकदर्शक बना रहता है.
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव द्वारा खड़ी की गई पार्टी की जड़ों को भीतर से कमजोर किया जा रहा है, राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी को ऐसा राजनीतिक झटका लग सकता है जिसकी उसके नेताओं ने कल्पना भी नहीं की होगी. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब समाजवादी पार्टी "समाप्तवादी पार्टी" बन जाएगी.
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