Amethi Corruption News: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और विजिलेंस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है. पिछले पांच वर्षों में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जा चुके हैं. हालिया कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी महकमों में हड़कंप मचा हुआ है.
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ताजा मामले में 17 जुलाई 2026 को सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक संजय मिश्रा को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया. आरोप है कि उन्होंने एक कर्मचारी का लंबित कार्य कराने के बदले यह रकम मांगी थी. कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का माहौल है.
इससे पहले 19 फरवरी 2026 को नलकूप विभाग के लिपिक एहसान अहमद को एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के भुगतान के एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में एसीबी ने पकड़ा था. वहीं पुलिस विभाग में भी कई कार्रवाई हुईं. 10 जुलाई 2026 को इन्हौना थाने के उपनिरीक्षक राजेश चंद्र पाल 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए. संग्रामपुर थाने के दरोगा कर्मवीर सिंह को 30 हजार रुपये तथा जायस कोतवाली के सिपाही चंदन कनौजिया को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था.
राजस्व विभाग में 11 दिसंबर 2025 को लेखपाल अमित कुमार, 9 सितंबर 2024 को एसडीएम कार्यालय के पेशकार योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव तथा 21 जून 2023 को कानूनगो दुर्गा प्रसाद मिश्र रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे. इसके अलावा समेकित शिक्षा विभाग से जुड़े संतोष सिंह को भी मेडिकल बनवाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में सतर्कता बढ़ी है. अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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