Water Crisis Amethi: पाइप कटने से गांव में छाया जल संकट, ग्रामीण 1 किलोमीटर दूर चलकर बुझा रहे प्यास, CM हेल्पलाइन तक बेअसर

Amethi Village Water Crisis: अमेठी के जंगल रामनगर भुसुपार गांव में जल निगम की पाइपलाइन कटने से पेयजल संकट गहरा गया है. भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं. शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर गुहार के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है.

Water Crisis Amethi

Newzo

21 May 2026 (अपडेटेड: 21 May 2026, 12:15 PM)

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Amethi Village Water Crisis: अमेठी के जंगल रामनगर भुसुपार गांव में जल निगम की पाइपलाइन कटने से पानी सप्लाई बंद हो गई है, जिससे ग्रामीण भीषण गर्मी में एक किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सैकड़ों शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर गुहार के बावजूद प्रशासन व विभागीय अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं.

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 जिले में एक तरफ जहां भीषण गर्मी की वजह से जनजीवन बेहाल हो चुका है तो वहीं प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. अमेठी शहर से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर स्थिति गांव के ग्रामीण पानी के लिए इस भीषण गर्मी में एक किलोमीटर का चक्कर लगा रहे हैं. ग्रामीण विभाग के अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सैकड़ो बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हो रही है. विभाग के अधिकारी फोन भी उठाने को तैयार रही है.

दरअसल, यह पूरा मामला अमेठी तहसील क्षेत्र के जंगल रामनगर भुसुपार गांव का है, जहां गांव का खारा पानी होने के कारण जल निगम से पानी की सप्लाई हो रही थी. जिससे ग्रामीण अपना काम चला रहे थे. लेकिन कुछ समय से पानी की सप्लाई बंद हो गई और ग्रामीण पानी के लिए गांव से एक किलोमीटर दूर देवीपाटन मंदिर या फिर बारहमासी चौराहा जाकर पानी ला रहे हैं. भीषण.गर्मी होने के कारण गांव के बुजुर्गों बच्चों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. 

ग्रामीणों की माने तो अमेठी गौरीगंज सड़क का चौड़ीकारण किया जा रहा है, जिस कारण कार्यकारी संस्था द्वारा जल निगम के पाइप को काट दी गई. जिस कारण गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई. पानी की सप्लाई बंद होने से ना तो ग्रामीणों को पानी मिल रहा है और नहीं जानवरों को पानी नसीब हो रही है. 

गांव के रहने वाले ग्रामीण घनश्याम तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा विभाग से लेकर उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक सैकड़ो शिकायत की लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. विभाग के अधिकारी कर्मचारी इतने लापरवाह है की शिकायतों पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर उसका निस्तारण कर दे रहे हैं. 

वहीं गांव की एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि उसके घर में बच्चों बूढ़ों से लेकर 10 लोगों की संख्या है और पानी लेने उसे एक किलोमीटर दूर देवीपाटन मंदिर या फिर बारहमासी चौराहे के पास जाना पड़ रहा है. एक बार में सिर्फ एक या दो बाल्टी पानी ही आती है और उससे भी काम नहीं चल रहा है. इसके साथ ही गांव में जो पानी सरकारी हैंडपम्प से निकल रहा है, वह इतना खराब है कि उसके पीने से पेट संबंधी बीमारियां शुरू हो जा रही है.

ग्रामीणों ने अमेठी प्रशासन से अपील की है कि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत दी जाए और किसी वैकल्पिक माध्यम से गांव में पानी का संचालन शुरू करवाया. विजय कुमार मौर्य, घनश्याम तिवारी पारस मौर्य, छोटेलाल मौर्य, राजेन्द्र प्रसादं मौर्य, शिव प्रसाद मौर्य समेत कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे.