Agra News: सोशल मीडिया पर अक्सर पुलिस के कड़े रवैए की चर्चा होती है, लेकिन आगरा के फतेहपुर सीकरी से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सबका दिल जीत लिया है. हर कोई बस एक ही लड़के की बहादुरी की बातें कर रहा है... नाम है दीपक सोलंकी. दीपक उत्तर प्रदेश पुलिस में एक रिक्रूट आरक्षी (ट्रेनी सिपाही) हैं. उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक लड़की को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया.
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उनकी इस बहादुरी के लिए आगरा के पुलिस कमिश्नर ने उन्हें 1000 रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र (Appreciation Letter) देकर सम्मानित करने का एलान किया है.
कौन हैं दीपक सोलंकी?
दीपक सोलंकी यूपी पुलिस के ट्रेनी सिपाही हैं, जो फिलहाल फतेहपुर सीकरी थाने की 'चीता मोबाइल' (पुलिस मोटरसाइकिल गश्ती दल) पर तैनात हैं. 3 जून को जब वह अपनी ड्यूटी पर थे, तब उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा इम्तिहान उनका इंतजार कर रहा था.
घटित हुई खौफनाक घटना
फतेहपुर सीकरी के ग्वालियर गेट के पास एक करीब 20 से 25 फीट गहरा तालाब है. वहां अचानक एक लड़की पानी में डूबने लगी. वह बचने के लिए पानी में छटपटा रही थी. किनारे पर खड़े लोग डर के मारे चिल्ला रहे थे, लेकिन तालाब इतना गहरा था कि किसी की भी पानी में उतरने की हिम्मत नहीं हो रही थी.
तभी वहां से चीता मोबाइल गुजरी, जिस पर दीपक सोलंकी सवार थे. लोगों का शोर सुनकर जब दीपक तालाब के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लड़की के पास जिंदगी बचाने के लिए चंद मिनट ही बचे हैं.
दीपक ने बिना एक पल गंवाए, बिना किसी सुरक्षा उपकरण (लाइफ जैकेट आदि) का इंतजार किए, तुरंत अपने जूते उतारे और वर्दी पहने हुए ही 25 फीट गहरे पानी में छलांग लगा दी.
स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे बची जान
लड़की लगातार गहरे पानी की तरफ खींचती जा रही थी. दीपक ने सूझबूझ दिखाई और मौके पर मौजूद लोगों की मदद से एक कामचलाऊ रस्सी का इंतजाम किया. रस्सी के सहारे वह डूबती हुई लड़की तक पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित किनारे पर ले आए.
तालाब से बाहर निकालते ही लड़की को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया गया. समय पर इलाज मिलने से लड़की की जान बच गई.
पुलिस कमिश्नर ने थपथपाई पीठ
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दीपक सोलंकी कुछ मिनट भी देर कर देते, तो लड़की की जान चली जाती. इस जांबाज सिपाही की बहादुरी की खबर जब सीनियर अफसरों तक पहुंची, तो आगरा पुलिस कमिश्नर ने दीपक के साहस की जमकर तारीफ की. पुलिस विभाग का मानना है कि दीपक जैसे जांबाज जवान पूरे पुलिस महकमे के लिए गर्व की बात हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा हैं.
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