आगरा में डराने लगा कोरोना, 78 साल के बुजुर्ग की मौत के बाद फिर मिले कोविड-19 के संक्रमित केस

अरविंद शर्मा

29 May 2025 (अपडेटेड: 29 May 2025, 12:47 PM)

Corona virus in Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बार फिर कोरोना  ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. शहर में एक 33 साल के युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

Covid-19 cases in Agra

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Corona Virus in Agra:उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बार फिर कोरोना  ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. शहर में एक 33 साल के युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वहीं फिरोजाबाद में एक  78 साल के बुजुर्ग की संदिग्ध कोरोना से मौत ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है.

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आगरा की लॉयर्स कॉलोनी में रहने वाला 33 साल का युवक नोएडा की एक कंपनी में काम करता है. वह 25 मई को आगरा लौटा था. इससे पहले वह 23 मई को गाजियाबाद गया था और वहां से लखनऊ व अयोध्या होते हुए आगरा पहुंचा था. घर आने के बाद उसे बुखार की शिकायत हुई, जिसके बाद उसने एक निजी लैब में अपनी जांच कराई. जांच में उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई. 

 

 

कार्यवाहक सीएमओ और एसीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि युवक को फ्लू जैसे लक्षण हैं और उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है. युवक के परिवार में पांच सदस्य हैं जिनकी निगरानी की जा रही है. डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि यह वायरस का हल्का वैरिएंट है जिसमें सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं. उन्होंने कहा, "यह कोविड-19 ही है. लेकिन इसका प्रभाव बहुत कम है. स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है." मरीज को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

संदिग्ध मौत का मामला

दूसरी ओर फिरोजाबाद के 78 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध कोरोना से मौत ने भी चर्चा को जन्म दिया है. बुजुर्ग को 24 मई को सिकंदरा के एक निजी हॉस्पिटल, रेनबो हॉस्पिटल, में ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था. उन्हें 15 दिनों से बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी. 26 मई को निजी लैब की जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. हालत बिगड़ने पर उन्हें देर रात एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. लेकिन मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई.
 
एसीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि बुजुर्ग को फेफड़ों की बीमारी, गर्दन में चोट, और दोनों किडनी से संबंधित गंभीर समस्याएं थीं. उन्होंने कहा, "मरीज की सरकारी स्तर पर दोबारा जांच नहीं हो सकी. क्योंकि भर्ती के बाद उनकी मौत हो गई." वहीं एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सैंपल लेने से पहले मरीज की मृत्यु हो गई, इसलिए इसे आधिकारिक तौर पर कोरोना से मौत नहीं माना जाएगा. उन्होंने कहा, "हम इसे संदिग्ध मामला कह सकते हैं."  

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाए हैं. 33 वर्षीय युवक को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उसके परिवार की निगरानी की जा रही है. वहीं, मृतक बुजुर्ग के परिवार की हिस्ट्री खंगाली गई, जिसमें उनकी 69 वर्षीय पत्नी, 40 वर्षीय बेटा, 39 वर्षीय पुत्रवधू और दो बच्चे शामिल हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है. लेकिन साथ ही यह भी आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है.