Exclusive: आगरा रेलवे स्टेशन के DSS नरेंद्र चाहर को RPF जवानों ने 300 मीटर तक घसीटा था, अब उन्होंने सुनाई पूरी कहानी

नितिन उपाध्याय

• 03:57 PM • 13 Jul 2026

Agra Cantt RPF Dispute: आगरा कैंट RPF विवाद पर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने घटना पर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी. जानिए वायरल वीडियो, आरोप, जांच और रेलवे की कार्रवाई से जुड़े सभी अपडेट.

Agra Cantt Narendra Chahar News

Agra Cantt Narendra Chahar News

Google CTA

Agra Cantt Narendra Chahar News: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र सिंह चाहर और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों के बीच हुए विवाद का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित RPF कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इस बीच नरेंद्र चाहर ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि उन्होंने केवल एक महिला यात्री की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाई थी, लेकिन इसके बाद उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई. वहीं, इस घटना के बाद लोग यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर नरेंद्र चाहर कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है.

यह भी पढ़ें...

महिला यात्री की मदद करने का किया दावा

नरेंद्र सिंह चाहर ने यूपी तक से खास बातचीत में बताया कि घटना वाले दिन उनकी ड्यूटी सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक थी. उनके अनुसार, ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक महिला यात्री को जोर-जोर से चिल्लाते हुए सुना. इसके बाद वह तुरंत अपने कार्यालय से बाहर आए और गार्ड से बात कर ट्रेन रुकवाई. चाहर ने कहा 'मैंने महिला यात्री को सुरक्षित ट्रेन में बैठाया. इसके बाद वह संतुष्ट हो गई और ट्रेन में बैठ गई.' उनका आरोप है कि इसके कुछ देर बाद RPF के कुछ कर्मचारी पहुंचे और महिला को ट्रेन से नीचे उतारकर उसका मोबाइल फोन ले लिया. उन्होंने कहा 'मुझे लगा कि उससे अवैध वसूली की कोशिश की जा रही थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों की वजह से ऐसा नहीं हो सका.'

इस बात पर बढ़ा पूरा विवाद

चाहर का कहना है कि उन्होंने RPF को किसी भी तरह की चैन पुलिंग की सूचना नहीं दी थी. उन्होंने कहा 'मैंने उनसे कहा कि इस मामले में आपका कोई केस नहीं बनता. रेलवे के नियमों के मुताबिक अगर किसी ट्रेन में चैन पुलिंग होती है, तभी RPF को मेमो भेजकर सूचना दी जाती है. लेकिन इस मामले में न तो चैन पुलिंग हुई थी और न ही हमने ऐसी कोई शिकायत दर्ज कराई थी.' उनके मुताबिक, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता चला गया.

नरेंद्र चाहर ने बताया सबकुछ

नरेंद्र चाहर ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान RPF कर्मियों ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा 'उन्होंने मुझसे कहा कि स्टेशन तेरे बाप का है क्या. फिर कहा कि यहां से चले जाओ, स्टेशन तुम्हारे बाप का नहीं है, नहीं तो तुम्हारा बहुत बुरा हाल होगा.' चाहर के मुताबिक, उस समय उनका कोई स्टाफ मौके पर मौजूद नहीं था. उन्होंने दावा किया कि बाद में चार और फिर 8-10 RPF कर्मियों को बुलाया गया. 'मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे 300 मीटर इस तरह घसीटकर ले जाया गया जैसे मैं कोई आतंकवादी हूं,' उन्होंने आरोप लगाया.

नेवी में 15 साल सेवा की 

नरेंद्र चाहर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के अकोला गांव के रहने वाले हैं. वह भारतीय नौसेना के पूर्व जवान हैं और करीब 15 वर्षों तक नेवी में सेवा देने के बाद वर्ष 2019 में सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने भारतीय रेलवे ज्वाइन किया और फिलहाल आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मास्टर (DSS) के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा 'मैं सेना की पृष्ठभूमि से हूं. देश सेवा करने के बाद रेलवे में आया हूं. मैं सभी कर्मचारियों के साथ उसी सम्मान और अनुशासन से पेश आता हूं, जैसा मुझे सेना में सिखाया गया है.'

कौन-कौन हैं नरेंद्र चाहर के परिवार में?

पारिवारिक जीवन की बात करें तो नरेंद्र चाहर दो भाइयों में से एक हैं. उनकी पत्नी का नाम हरेंद्री चाहर है और उनके दो बच्चे हैं. आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस घटना के बाद उनका नाम सुर्खियों में आ गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के लिए किसकी क्या जिम्मेदारी तय होती है.