आगरा में RPF के 4 जवानों ने डिप्टी अधीक्षक को घसीटा था जमीन पर, इस घटना पर खूब भड़के BJP सांसद राजकुमार चाहर ने दिया ये रिएक्शन

अरविंद शर्मा

13 Jul 2026 (अपडेटेड: 13 Jul 2026, 01:45 PM)

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन RPF-डिप्टी SS विवाद में सांसद राजकुमार चाहर पीड़ित परिवार से मिले. उन्होंने दोषियों पर मुकदमा दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की.

 MP Rajkumar Chahar Statement On Agra Cantt Railway

MP Rajkumar Chahar Statement On Agra Cantt Railway (Photo: AI)

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Agra RPF and Deputy SS Controversy News: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर RPF जवानों और रेलवे के डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (Deputy SS) के बीच हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजकुमार चाहर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की. सांसद ने कहा कि केवल माफी मांगने या निलंबन से मामला खत्म नहीं होगा. दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और उन्हें सिर्फ सस्पेंड नहीं किया जाएगा, बल्कि आगरा से भी बाहर भेजा जाएगा.

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पीड़ित परिवार से मिले सांसद

पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान सांसद राजकुमार चाहर ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर RPF जवानों के साथ किसी बाहरी व्यक्ति ने भी मारपीट की है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं और उनके सम्मान व स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे. सांसद ने कहा 'आप सभी मेरा परिवार हैं. मैं आपके अभिभावक के रूप में यहां आया हूं. आपके सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ूंगा.'

महिला की बात सुनकर नाराज हुए सांसद

मुलाकात के दौरान जब  महिला ने सांसद से कहा कि 'साहब ने आदेश दिया है', तो यह सुनते ही सांसद नाराज हो गए. उन्होंने तुरंत पूछा 'किसने आदेश दिया? बताइए किसने आदेश दिया?' इस दौरान उनका आक्रोश साफ दिखाई दिया. सांसद ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंची है और सरकार की छवि भी खराब हुई है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा 'वर्दी की भी बदनामी कराओगे और हमारी सरकार की भी बदनामी कराओगे.'
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा मामला

सांसद और पीड़ित परिवार के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है. रेलवे प्रशासन और RPF पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटे हुए हैं. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर है.

क्या है पूरा मामला? 

जानकारी के मुताबिक आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान विवाद शुरू हुआ था. बताया गया कि एक यात्री के चोटिल होने की सूचना मिलने के बाद डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने ट्रेन को कुछ देर रोकने का फैसला लिया था. इसी बात को लेकर डिप्टी SS और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में हुई कहासुनी कुछ ही देर में बड़े विवाद में बदल गई और दोनों विभागों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए. सामने आए वीडियो में कथित तौर पर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को RPF जवानों द्वारा दोनों हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए ले जाते हुए देखा गया.
 

RPF के 4 अधिकारी और जवान निलंबित

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए RPF के चार अधिकारी और जवानों को निलंबित कर दिया है. साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है.