4 घंटे में 550 किमी... 7 लोगों ने गंगा में उतारी नाव और सीधे पहुंच गए प्रयागराज महाकुंभ, इतना आया खर्च

यूपी तक

• 03:15 PM • 17 Feb 2025

बिहार के बक्सर के सात युवाओं ने महाकुंभ पहुंचने का एक अनोखा रास्ता निकाला जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. ये युवक बिना किसी परेशानी के गंगा के रास्ते से महाकुंभ पहुंच गए.

Maha Kumbh Boat Journey

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Maha Kumbh news: प्रयागराज महाकुंभ में अबतक 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालु धार्मिक डुबकी लगा चुके हैं. त्रिवेणी संगम पर चल रहा दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में उमड़ी भीड़ ने सारी व्यवस्था के सांस फुला दिए हैं. सड़कों पर सैकड़ों किलोमीटर लंबे जाम, ट्रेनों में खचाखच भरे लोग, एयरपोर्ट पर भी यात्रियों की भीड़, महाकुंभ में ऐसे नजारे आम हैं. जाम में फंसे लोगों को महाकुंभ पहुंचने के लिए कई-कई किलोमीटर की पैदल यात्रा भी करनी पड़ रही है. इस बीच बिहार के बक्सर के सात युवाओं ने महाकुंभ पहुंचने का एक अनोखा रास्ता निकाला जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. ये युवक बिना किसी परेशानी के गंगा के रास्ते से महाकुंभ पहुंच गए. इन युवाओं ने बक्सर से नाव के सहारे 550 किलोमीटर की दूरी मात्र 84 घंटे में तय की और संगम में पुण्य की डुबकी लगाकर सफलतापूर्वक घर भी लौट आए. उनकी यह रोमांचक यात्रा इस समय पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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रोड जाम और ट्रेन में भीड़ के बीच निकाला अनोखा रास्ता

8 से 9 फरवरी के दौरान प्रयागराज जाने वाले हर रास्ते पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम था. ट्रेन की सीटें पहले से फुल थीं, गाड़ियां हाईवे पर फंसी हुई थीं और आम श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे थे. ऐसे में बक्सर के कम्हरिया गांव के सात युवाओं—सुखदेव चौधरी, आडू चौधरी, सुमन चौधरी, मुन्नू चौधरी और उनके साथियों ने सोचा कि क्यों न नाव से प्रयागराज तक की यात्रा की जाए.

युवाओं ने तुरंत तैयारी शुरू की. एक मजबूत नाव पर दो मोटर लगाए ताकि अगर एक मोटर फेल हो जाए तो दूसरा काम करता रहे. पेट्रोल, राशन-पानी और जरूरी सामान लेकर 11 फरवरी को यह सातों युवक बक्सर से रवाना हो गए.

ऐसी रही रोमांचक नाव यात्रा

यात्रा के दौरान युवाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. मोटर लगातार चलते रहने से गर्म हो जाती थी, इसलिए हर 5-6 किलोमीटर के बाद नाव को खुद चलाना पड़ता था. रात में सभी युवक बारी-बारी से जागकर नाव चलाते थे.

13 फरवरी की सुबह यह सातों युवक प्रयागराज संगम में पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई. फिर उसी रास्ते से वापस लौटते हुए 16 फरवरी की रात 10 बजे तक बक्सर अपने घर लौट आए.

 

 

सिर्फ ₹20,000 में पूरी हुई महाकुंभ यात्रा

इस पूरी यात्रा में युवाओं का करीब ₹20,000 खर्च हुआ, जिसमें—

- पेट्रोल का खर्च
- प्लास्टिक कैन और अन्य जरूरी सामान
- राशन-पानी का खर्च

सफर में युवाओं को किसी तरह की बड़ी परेशानी नहीं हुई, लेकिन उनका कहना है कि यह यात्रा सिर्फ प्रोफेशनल लोगों के लिए ही सही है. आम लोग बिना तैयारी और नाव चलाने के अनुभव के बिना ऐसा करने की कोशिश न करें, क्योंकि यह जोखिम भरा भी हो सकता है.

युवाओं की हिम्मत बनी चर्चा का विषय

बक्सर के इन सात युवाओं की यह यात्रा अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है. आस्था और रोमांच से भरी यह यात्रा महाकुंभ जाने वालों के लिए प्रेरणा भी बन रही है. इन युवाओं ने साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी बाधा आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती.

 

Report By: पुष्पेंद्र पांडेय