यूपी में नौकरी का बड़ा मौका... BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में 530 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती, शिक्षकों को भी मिलेगा प्रमोशन

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बड़ी भर्ती की तैयारी है. सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में 530 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा.

यूपी तक

• 11:27 AM • 09 Jan 2026

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अगर आप भी उत्तर प्रदेश में एक अच्छी नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आपके लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन ने सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है. बता दें कि अगले दस दिनों के अंदर इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा. इसका उद्देश्य अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों की कमी को दूर करना है ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके. 

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अस्पतालों में 530 से अधिक पदों पर होगी भर्ती

बीएचयू प्रशासन ने जानकारी दी है कि सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में कुल 530 गैर-शिक्षक पदों को भरने की योजना बनाई गई है. इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) के पद के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है. इसके बाद अन्य पदों पर भी आवेदन मांगे जाएंगे. प्रस्तावित भर्ती में लगभग 30 मेडिकल अफसर, 300 नर्सिंग अधिकारी और 200 लैब असिस्टेंट के पद शामिल हैं. इन नियुक्तियों से अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ेगी, जिससे मरीजों को ज्यादा सुविधा और बेहतर देखभाल मिल सकेगी. 

ओपीडी और आपात सेवाओं में होगा सुधार

नई नियुक्तियों के बाद अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. मेडिकल अफसर मरीजों की जांच, रोगों की पहचान और इलाज तय करने का कार्य करेंगे. डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को दिखाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं में गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा.

नर्सिंग और लैब सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी

नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती से मरीजों की देखभाल व्यवस्था मजबूत होगी. नर्सें दवाएं देने, इंजेक्शन लगाने, घावों की ड्रेसिंग करने और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने का काम करेंगी. इससे प्रति मरीज स्टाफ का अनुपात बेहतर होगा और चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो सकेगी. वहीं, लैब असिस्टेंट की नियुक्ति से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी. वे रक्त और अन्य सैम्पल्स को एकत्र कर परीक्षण के लिए तैयार करेंगे, जिससे रिपोर्ट समय पर मिलेगी और इलाज में देरी नहीं होगी. 

शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन 

बीएचयू में केवल भर्ती ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है. अब तक 32 शिक्षकों को प्रमोशन दिया जा चुका है और इसी सप्ताह उनके परिणाम घोषित किए गए हैं. इसके अलावा करीब 218 शिक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया मार्च तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. बता दें कि होलकर भवन में हर दिन शिक्षकों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं. प्रमोशन मुख्य रूप से असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर की जा रही है.

प्रमोशन से टीचिंग और रिसर्च को मिलेगा लाभ

शिक्षकों का प्रमोशन पूरा होने से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में वरिष्ठ पदों की कमी दूर होगी. इससे शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और शोध कार्यों को भी गति मिलेगी. लंबे समय से शिक्षकों में चला आ रहा असंतोष भी कम होगा क्योंकि उन्हें उनके काम और योगदान के अनुसार पद और सम्मान मिलेगा. 

स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा दोनों को मिलेगा लाभ

बीएचयू प्रशासन का मानना है कि भर्ती और प्रमोशन की यह संयुक्त प्रक्रिया विश्वविद्यालय के लिए एक जरूरी कदम है. इससे एक ओर अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक माहौल भी और मजबूत होगा. आने वाले समय में इसका सीधा लाभ छात्रों, मरीजों और पूरे विश्वविद्यालय को मिलेगा.

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