एग्जामपुर कोचिंग सेंटर सील होने के बाद विवेक सर ने खुद बताई 60 करोड़ के कर्ज वाली पूरी बात, जानिए क्या-क्या कहा?

Exampur Coaching Centre Sealed: प्रयागराज स्थित एक्जामपुर कोचिंग सेंटर के सील होने के बाद विवेक कुमार ने अपने 50-60 करोड़ रुपये के भारी कर्ज और आर्थिक संकट को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

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Exampur Coaching Centre Sealed: प्रयागराज में स्थित एक्जामपुर कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग प्रशासन द्वारा नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर दी गई, जिसके बाद कोचिंग का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. अब इसी के चलते कोचिंग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चर्चित नाम विवेक सर ने अपने जीवन के सबसे कठिन आर्थिक दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है. यूपी तक के साथ दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन पर लगभग 50-60 करोड़ रुपये तक का भारी कर्ज रहा है, जिसने उनके निजी और पेशेवर जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 साल उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे, जिसमें लगातार बड़े आर्थिक नुकसान और एक बड़ी डील के टूटने जैसी घटनाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. इस पूरे दौर में उन्हें न सिर्फ आर्थिक बल्कि मानसिक दबाव का भी सामना करना पड़ा. उनका कहना है कि कई बार स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें लगा कि सब कुछ खत्म हो सकता है लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी.

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कर्ज और आर्थिक संकट की शुरुआत

विवेक सर ने बताया कि उनके ऊपर करीब 50-60 करोड़ रुपये का कर्ज कई स्रोतों से लिया गया था, जिसमें बैंक लोन, निजी कर्ज और कुछ हाई-इंटरेस्ट फाइनेंसिंग शामिल थी. उनके अनुसार, एक बड़ी कंपनी के साथ हुई डील टूटने के बाद पूरा फाइनेंशियल स्ट्रक्चर बिगड़ गया और एक साथ भारी लोन का बोझ उनके ऊपर आ गया. इस घटना के बाद उन्हें लगातार आर्थिक दबाव झेलना पड़ा और धीरे-धीरे स्थिति और जटिल होती गई.

कैसे चुका रहे हैं कर्ज?

उन्होंने दावा किया कि अब तक वे लगभग 50 से 60 प्रतिशत कर्ज चुका चुके हैं और लगातार इसे कम करने पर काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि हर महीने कर्ज चुकाने के लिए बड़े टारगेट तय होते हैं और यह प्रक्रिया 2029 तक पूरी करने की योजना है. इस कारण हर साल करोड़ों रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है और मासिक स्तर पर भी भारी वित्तीय दबाव बना रहता है. कई बार इसी वजह से कर्मचारियों की सैलरी भी देर से देने की स्थिति बन जाती है. हालांकि उनका कहना है की उनकी टीम ने इस कठिन समय में उनका काफी साथ दिया.

परिवार ने दिया साथ 

इस आर्थिक संकट के दौरान परिवार का सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा. उन्होंने बताया कि उनके पिता, जो एक रिटायर्ड फौजी हैं और उनके पार्टनर के परिवार ने भी आर्थिक रूप से मदद की. उन्होंने यह भी बताया कि हालात इतने खराब हो गए थे कि परिवार की जमीन तक बेचनी पड़ी ताकि कर्ज और व्यवसाय को संभाला जा सके. इस पूरे अनुभव को उन्होंने भावनात्मक रूप से बहुत कठिन लेकिन सीख देने वाला समय बताया है. 

विवेक सर ने यह भी बताया कि कुछ कर्ज ऐसे स्रोतों से लिए गए थे जिनका ब्याज बहुत अधिक था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई. उनके अनुसार, इस तरह के कर्जों ने मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया और कई बार ऐसा लगा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुकी है. उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान उन्हें बहुत कठिन निर्णय लेने पड़े और कई बार भारी दबाव में काम करना पड़ा.

शिक्षा मिशन और काम को लेकर सोच

उन्होंने कहा कि वे अपने काम को सिर्फ मुनाफे के रूप में नहीं देखते बल्कि इसे एक सामाजिक मिशन मानते हैं. उनका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों तक शिक्षा पहुंचाना है. इसी कारण उनके कोर्स की फीस भी बहुत कम रखी गई है, जो लगभग ₹99 से ₹500 के बीच होती है. उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा छात्र कम लागत में शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने जीवन में आगे बढ़ सकें.

क्या है आगे की योजना?

वर्तमान में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके स्टूडियो और सिस्टम को फिर से खड़ा करने की है, क्योंकि कई संसाधन बंद हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि अब उन्हें फिर से शुरुआत करनी होगी और पूरी टीम के साथ मिलकर सिस्टम को दोबारा मजबूत बनाना होगा. उनका कहना है कि टीम का भरोसा अभी भी उनके साथ है और वे धीरे-धीरे स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

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