Shahjahan Bano and Pawan Yadav Marriage News: उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में अलग-अलग धर्मों से जुड़े एक युवक-युवती ने प्रेम विवाह किया. जानकारी के मुताबिक प्रतापगढ़ के रहने वाले पवन कुमार यादव और जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे. दोनों के परिवार अलग-अलग समुदाय के होने के कारण शादी के लिए तैयार नहीं थे. इसके बाद दोनों बरेली पहुंचे, जहां हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक पद्धति से उनका विवाह कराया गया. विवाह से पहले शाहजहां बानो ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार करने की बात कही.
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पहले भी शादी के लिए पहुंचे थे दोनों
जानकारी के मुताबिक शाहजहां बानो, जौनपुर की रहने वाली हैं, जबकि पवन कुमार यादव पुत्र भारत राम यादव प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर रोड, अवधानपुर, मऊ के निवासी हैं. दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है. अलग-अलग समुदायों से होने के कारण परिवार की सहमति नहीं बन पा रही थी. आश्रम के महंत पंडित केके शंखधर के अनुसार, दोनों पहले भी विवाह के लिए आश्रम पहुंचे थे, लेकिन उस समय शाहजहां का भाई उसे अपने साथ ले गया था. इसके बाद दोनों दोबारा आश्रम पहुंचे और शादी की इच्छा जताई.
दस्तावेजों के बाद पूरी की गई प्रक्रिया
अगस्त्य मुनि आश्रम के महंत पंडित केके शंखधर ने बताया कि विवाह से पहले शाहजहां बानो की इच्छा और सहमति के बारे में जानकारी ली गई. उनके अनुसार शाहजहां ने लिखित और मौखिक रूप से अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार करने की बात कही. महंत के मुताबिक आवश्यक दस्तावेज पूरे करने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद घर वापसी और शुद्धिकरण की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद आश्रम परिसर में विवाह की रस्में शुरू हुईं.
वैदिक रीति से हुआ विवाह
विवाह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच पवन यादव ने शाहजहां बानो की मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया. इसके बाद दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया. आश्रम की ओर से बताया गया कि विवाह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक पद्धति के अनुसार संपन्न कराया गया.
शाहजहां ने सनातन धर्म के बारे में क्या कहा?
शाहजहां बानो ने धर्म परिवर्तन को लेकर अपनी इच्छा बताते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही सनातन धर्म की परंपराएं, रीति-रिवाज और संस्कृति पसंद रही हैं. उन्होंने कहा, 'सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कृति ने मुझे हमेशा प्रभावित किया है. पवन के साथ आने के बाद मेरा यह विश्वास और मजबूत हुआ.' उन्होंने कहा कि अब वह पवन कुमार यादव की पत्नी के रूप में नई जिंदगी शुरू करने जा रही हैं.
महंत ने बताई पूरी प्रक्रिया
पंडित केके शंखधर ने कहा, 'दोनों प्रतापगढ़ और जौनपुर के रहने वाले हैं. दोनों पहले भी यहां आए थे. इस बार दस्तावेज पूरे करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सनातन धर्म के अनुसार घर वापसी, शुद्धिकरण और विवाह की प्रक्रिया संपन्न कराई गई.' उन्होंने बताया कि शाहजहां ने सनातन धर्म में अपनी रुचि होने की बात कही है. महंत के अनुसार शाहजहां ने अपने परिवार से जान का खतरा होने की बात भी कही है.
आश्रम के महंत के मुताबिक अलग-अलग धर्म होने की वजह से दोनों के परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे. शाहजहां ने कथित तौर पर परिवार से खतरा होने की बात कही है. इस पर उन्हें प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी स्थिति बताने की सलाह दी गई है. फिलहाल दोनों की शादी के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है और उनके परिवार की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
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