अयोध्या में एसटीएफ के हत्थे चढ़ा इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह, भीषण मुठभेड़ में ढेर हुआ पूर्वांचल का कुख्यात शार्प शूटर

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में यूपी एसटीएफ ने पूर्वांचल के कुख्यात शार्प शूटर भानु प्रताप सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. आजमगढ़, अम्बेडकर नगर और गोरखपुर पुलिस की तरफ से इनामी इस अपराधी पर हत्या व डकैती के 40 से ज्यादा मामले दर्ज थे.

यूपी तक

• 01:27 PM • 08 Jun 2026

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अयोध्या: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जारी ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यूपी एसटीएफ (UP STF) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पूर्वांचल के कुख्यात और शातिर अपराधी भानु प्रताप सिंह को अयोध्या में एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने एक भीषण मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है. भानु प्रताप सिंह कई आपराधिक गैंग्स के लिए शार्प शूटर का काम करता था और लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था. इस एनकाउंटर को पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के आपराधिक गिरोहों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.

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40 से अधिक मुकदमों का था इतिहास, तीन जिलों से घोषित था ₹1,65,000 का इनाम

भानु प्रताप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद खौफनाक था और उस पर पुलिस ने भारी इनाम घोषित कर रखा था:

  • अपराध का लंबा सफर: भानु प्रताप सिंह के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और रंगदारी (जबरन वसूली) जैसे संगीन अपराधों के 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे.
  • तीन जिलों की पुलिस को थी तलाश: उसकी सरगर्मी से तलाश में आजमगढ़, अम्बेडकर नगर और गोरखपुर जिले की पुलिस लंबे समय से जुटी हुई थी.
  • इनाम का विवरण: इस शातिर अपराधी की रीच और खौफ को देखते हुए आजमगढ़ पुलिस ने ₹1,00,000, अम्बेडकर नगर पुलिस ने ₹50,000 और गोरखपुर पुलिस ने ₹15,000 का इनाम घोषित किया था. कुल मिलाकर उस पर ₹1,65,000 की इनामी राशि तय थी.

घेराबंदी के बाद पुलिस पर दागीं गोलियां, अस्पताल में तोड़ा दम

एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अयोध्या क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या छिपने के इरादे से आया हुआ है:

  • भीषण मुठभेड़: एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट के नेतृत्व में टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और उसे आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने के लिए कहा. हालांकि, खुद को घिरा देख भानु प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
  • जवाबी कार्रवाई: पुलिस की जवाबी आत्मरक्षार्थ फायरिंग में भानु प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से कई अवैध आधुनिक हथियार और महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं.

मददगारों और संरक्षण देने वालों की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस

इस एनकाउंटर के बाद पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि फरारी के दौरान भानु प्रताप सिंह को किन-किन लोगों का राजनीतिक या स्थानीय संरक्षण मिला हुआ था. इसके साथ ही, मुठभेड़ के समय उसके साथ और कौन-कौन से अपराधी मौजूद थे जो मौके से भागने में कामयाब रहे, उनकी तलाश के लिए भी पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं.

यह घटना यह साबित करती है कि अपराध का सफर चाहे जितना भी लंबा हो, कानून के हाथों से बचना नामुमकिन है. उत्तर प्रदेश में कालेधन और जघन्य अपराधों के खिलाफ पुलिस की इस गंभीरता से क्षेत्र में शांति बहाल होगी और अपराधियों के बीच एक कड़ा व स्पष्ट संदेश जाएगा.