मायावती के आवास के बाहर जोरदार हंगामा, 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन

यूपी तक

• 12:57 PM • 25 Jul 2026

Mayawati Residence Protest: लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर मायावती के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया है.

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Mayawati Residence Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया है. यह विरोध प्रदर्शन बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास के बाहर हुआ है. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की और न्याय की मांग की है. मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया है.

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मायावती के आवास पर प्रदर्शन

69,000 शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ स्थित पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास के बाहर इकट्ठा हो गए. प्रदर्शन के दौरान कई महिला अभ्यर्थी भी मौके पर मौजूद थीं, जिन्होंने 'मायावती बाहर आओ' के नारे लगाए. जिस वक्त आवास के बाहर अभ्यर्थी हंगामा और नारेबाजी कर रहे थे, उस वक्त बसपा सुप्रीमो मायावती अपने घर के अंदर ही मौजूद थीं. स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए मायावती के आवास के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

पुलिस ने अभ्यर्थियों को किया डिटेन

प्रदर्शन के दौरान हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला. इस दौरान कई महिला अभ्यर्थी जमीन पर बैठकर हाथ जोड़कर पुलिस वालों से गुहार लगाती नजर आईं, तो कुछ अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए. इसके बावजूद अभ्यर्थी लगातार अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने सभी हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया है.

शिक्षा व्यवस्था पर उठे कई सवाल

एक तरफ जहां नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन चल रहा है और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी इसके समर्थन में धरने दिए जा रहे हैं, वहीं अब लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी सड़कों पर उतर आए हैं. देश में नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी लगातार की जा रही है. इसी बीच लखनऊ की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के बाद देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चारों तरफ से सवाल खड़े किए जा रहे हैं.